गाजियाबाद

लोनी के डी एल एफ अंकुर विहार और  एस एल एफ वेद विहार में अवैध निर्माण पर भड़के निवासी

जिला प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी क्षेत्र के वार्ड संख्या 33 स्थित  डी एल एफ अंकुर विहार एवं  एस एल एफ वेद विहार में बड़े पैमाने पर हो रहे कथित अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने इस मामले को लेकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण समेत कई प्रशासनिक विभागों को अपनी सामूहिक शिकायत भेजकर शीध्र कार्रवाई करने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बिल्डरों द्वारा स्वीकृत नक्शों और भवन निर्माण मानकों की पूरी तरह से अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। शिकायत के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर पर निर्धारित पार्किंग क्षेत्र को समाप्त कर वहां अवैध दुकानों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे न केवल यातायात और पार्किंग की समस्या बढ़ रही है बल्कि भवन सुरक्षा मानकों का भी इसके चलते उल्लंघन हो रहा है।
क्षेत्रवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई स्थानों पर दो प्लॉटों को पूरी तरह जोड़कर निर्माण किया जा रहा है, जिससे भवनों में हवा और प्राकृतिक प्रकाश का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। खासकर चार यूनिट वाले भवनों में पीछे स्थित फ्लैटों के लिए आवश्यक वेंटिलेशन खत्म होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निवासियों के अनुसार, इस प्रकार के निर्माण भविष्य में आग, गैस रिसाव या अन्य आपात स्थितियों के दौरान बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। लोगों ने इसे “लाक्षागृह जैसी स्थिति” बताते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की है।
शिकायत में निर्माण कार्यों से फैल रहे धूल-मिट्टी और मलबे के कारण बढ़ते वायु प्रदूषण का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही बिना साइलेंसर चलाए जा रहे डीजल जनरेटरों से ध्वनि प्रदूषण फैलने और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात कही गई है।
इसके अलावा खुले नालों के किनारे निर्माण कार्य होने से संक्रमण, दुर्गंध और पर्यावरणीय खतरे बढ़ने की आशंका भी जताई गई है। निवासियों का कहना है कि पूरे क्षेत्र में एक समान तरीके से नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है,
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी अवैध निर्माण तत्काल रोके जाएं, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के द्वारा इन कालोनियों में स्थलों का निरीक्षण कराया जाए, स्वीकृत नक्शे के अनुसार ही निर्माण कार्य  किया जाए तथा पार्किंग और वेंटिलेशन व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू कराया जाए। साथ ही अवैध दुकानों पर रोक लगाने, डीजल जेनरेटरों में साइलेंसर अनिवार्य करने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए कड़ी कार्रवाई की भी मांग उठाई गई है।
निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो वे लोग उच्च न्यायालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल  का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।
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