बरेली
पुरानी जिला जेल में 10 वर्ष बाद इसी सप्ताह में फिर होगी चहल पहल
नया बनाया गया महिला कारागार होगा कैमरे की नजर में

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली । कलेक्ट्रेट के निकट एवं पोस्टमार्टम हाउस के पीछे स्थित 68.15 एकड़ में फैली पुरानी जिला जेल में इसी माह जून 2026 में 10 वर्ष बाद फिर से चहल पहल एवं रौनक बढ़ सकती है। लगभग 186.24 करोड़ की लागत से इस जिला जेल में जीर्णोद्धार एवं सुरक्षा तंत्र/सी सी टी वी कैमरे आदि लग चुके हैं। इस जेल के नए बने भवन में बैरक की क्षमता बढ़ जाने से अब 2575 से अधिक विचाराधीन कैदी यहां रह सकेंगे। जिला जेल में आधुनिक पाक शाला का काम लगभग पूरा हो गया है। अब पूरे परिसर एवं कार्यालय में सुरक्षा उपकरण सी सी टी वी कैमरे लगाने, कंप्यूटर, फर्नीचर, आंतरिक साज सज्जा, आधुनिक रसोईघर का काम अंतिम चरण में है। जून के अंतिम सप्ताह में विचाराधीन कैदियों की शिफ्टिंग होने की उम्मीद है । जिसके आदेश भी आ गए हैं। जिला जेल को 172 करोड़ की राशि से लोनिवि ने जीर्णोद्धार कर इस जिला जेल में 2 हजार 575 बंदियों की क्षमता के लिए कुछ नए बैरक तैयार कराए हैं। अब सुरक्षा उपकरण/कैमरे लगाने के लिए भी 14.24 करोड़ रूपये का बाद में भी बजट मिल चुका है जिस का काम भी हो चुका है। अब वर्षों पुरानी जिला जेल को उसके गृह विभाग को हैंडओवर करने की भी प्रक्रिया इसी माह होनी है। इसके बाद केसरपुर स्थित सेंट्रल जेल-2 में रह रहे विचाराधीन बंदियों को यहां तैयार हुई जिला जेल में स्थानांतरित कर कैदियों का आना शुरू हो जाएगा।
स्मरण रहे बरेली में कचहरी के पास स्थित पुरानी जिला जेल के बंदियों को कुछ वर्ष पूर्व केसरपुर में बनी नई जेल में भेजा गया था। पहले खाली हुई जिला जेल की भूमि पर हाई कोर्ट की बेंच खोलने, जिला अदालत, इंडस्ट्रियल हब, आईटी पार्क आदि बनाने का प्रस्ताव था। यह प्रस्ताव परवान नहीं चढ़े। आखिर 68.15 एकड़ भूमि वाली जेल को फिर से 172 करोड़ से जीर्णोद्धार का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। लोक निर्माण विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई। 68.15 एकड़ जमीन में बनी इस जेल के लिये 148 करोड़ का टेंडर हुआ था जो बढ़ कर 172 करोड़ पर जा पहुंचा है। बाद में 14.24 करोड रुपए सुरक्षा तंत्र मजबूती के लिए मिले। जिला जेल में पहले इस जेल की क्षमता 1185 बंदियों की थी। अब नवीन निर्माण के बाद इसकी क्षमता बढ़कर 2575 होनी बताई गई है। अब हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद केसरपुर जेल से विचाराधीन बंदी कचहरी जेल पर यहां जाएंगे। जेल अधीक्षक आलोक शुक्ला ने वरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सेना को फोन पर बताया कि जेल में जेलर सुशील कुमार एवं आनंद जी के साथ ही शासन से लगभग 100 स्टाफ की नियुक्ति/तैनाती भी हो चुकी है । जून 2026 माह में इसी सप्ताह में यहां फिर से चहल पहल शुरू हो जाएगी जिसके लिए मुख्यालय से शिफ्टिंग के आदेश आ गए हैं।


