
लखनऊ । नौकरशाही को लेकर उपजे असंतोष को खत्म करने के लिए सरकार और भाजपा संगठन मिलकर काम करेंगे। राज्य से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकतार्ओं की बातों को तरजीह दी जाएगी। उनकी शिकायतें दूर की जाएंगी। यही नहीं विधानसभा चुनाव 2027 में हैट्रिक लगाने के लिए भाजपा अब सारे कील-कांटे दुरुस्त करने में जुटेगी। सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाकर सभी नेता चुनावी तैयारी में जुटेंगे। साथ ही विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए रणनीति बनाकर काम होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में शनिवार को प्रदेश भाजपा कोर कमेटी की बैठक में इन मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। सबसे ज्यादा फोकस नौकरशाही के व्यवहार को लेकर रहा। तय हुआ है कि किसी भी कार्यकर्ता के वाजिब और जनता से जुड़े काम तत्काल कराए जाएंगे। अफसरों, जनप्रतिनिधियों द्वारा विधायकों और कार्यकतार्ओं की उपेक्षा की शिकायतें भी दूर करने पर सहमति बनी।
बैठक में चुनावी रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इसके लिए ऐसा हर उपाय करने पर सहमति बनी, जिससे कार्यकतार्ओं का उत्साह बना रहे। सूत्रों के मुताबिक जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के बीच मनमुटाव की शिकायतों को भी दूर करने पर चर्चा हुई। बैठक में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या व ब्रजेश पाठक, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह भी मौजूद रहे।
सीएम ने दिया रात्रिभोज-दिनभर बैठकों का दौर खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर रात्रिभोज दिया। इस भोज में उनके साथ अध्यक्ष की चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर भी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का स्वागत किया। रात्रिभोज में बीएल संतोष, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश सरकार के सभी मंत्री और अन्य पदाधिकारी भी शामिल हुए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को बुके देकर स्वागत किया। – फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
राजधानी पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रदेश के सांसदों और विधायकों के साथ बैठक कर जनप्रतिनिधियों को विपक्षी चाल से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष समाज को बांटने की साजिश रच रहा है। आगामी चुनावों को देखते हुए विपक्ष फिर जातियों का कार्ड खेलने की कोशिश कर रहा है। विपक्ष चाहता है कि भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम की अपनी मूल विचारधारा भूलकर जातियों (ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ, वैश्य) में बंट जाए।
नवीन ने कहा कि विपक्ष सोशल मीडिया और धारणा के जरिये सरकार की उपलब्धियों को दबाना चाहता है। केंद्र और राज्य सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं के जरिये उत्तर प्रदेश में लाखों युवाओं को रोजगार मिला है। करोड़ों लाभार्थी सरकार के साथ सीधे जुड़े हैं। इसके बावजूद अगर हम मजबूत जनाधार को वोट में तब्दील नहीं कर पा रहे हैं, तो इसका अर्थ है कि जनता से हमारा संवाद कम है। विपक्ष इसका फायदा उठाने की ताक में है।
उन्होंने कहा कि सभी सांसद और विधायक दफ्तरों से निकलकर जनता के बीच जाएं। विकास कार्यों का स्वयं शिल्पकार बनकर श्रेय लें। संगठन की हर छोटी-बड़ी बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। अगले सात-आठ महीने की सामूहिक मेहनत से विपक्ष का सूपड़ा साफ होना तय है। वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में फिर प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की डबल इंजन सरकार बनेगी।
पूरी ताकत से मैदान में उतरने का आह्वान-विधानसभा चुनाव 2027 का बिगुल फूंकते हुए नितिन नवीन ने स्पष्ट किया कि भाजपा के नेतृत्व में देश और उत्तर प्रदेश पिछली सरकारों की घोर निराशा, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार के काले दौर से बाहर निकल चुके हैं। उन्होंने कार्यकतार्ओं और नेताओं का आह्वान किया कि पूरी ताकत से चुनावी मैदान में उतरें और विरोधियों के मंसूबों को ध्वस्त कर दें।
योगी सरकार में कानून का राज-भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश और वर्ष 2005 से पहले के बिहार की पहचान देश-दुनिया में अराजकता, चरम भ्रष्टाचार व संकीर्ण जातिवाद से होती थी। हर इलाके में बाहुबली और माफिया समानांतर सत्ता चलाते थे। भाजपा की योगी सरकार ने इन सभी अराजक तत्वों का समूल नाश कर कानून का राज स्थापित किया है, जिसकी चर्चा पूरे देश में मॉडल के रूप में हो रही है।
यूजीसी पर बोले, शब्द चुनने में हुईं गलतियां-यूजीसी के मुद्दे पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हम भी मानते हैं शब्दों के चयन में कुछ गलतियां हुई हैं। इसे ठीक भी कर दिया गया है। अगर किसी परिवार में गलती होती है तो उसे मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। इस मुद्दे पर जातियों में बंटकर विरोध जताना उचित नहीं है। हमें एकजुट होकर विपक्ष के भ्रामक सवालों का जवाब देना चाहिए।



