
बरसात में पांच किलोमीटर का सफर बना जोखिम
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। बरसात के मौसम में बरेठा और कासिया के बीच लगभग पांच किलोमीटर लंबा मुख्य मार्ग लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। परतवाड़ा-दादुढाना मार्ग को चांदू, भैंसदेही और नान्दा रोड से जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। सड़क पर कीचड़ और फिसलन इतनी अधिक है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का निकलना जोखिम भरा हो गया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई।
क्षेत्र के लिए लगातार आवाज उठाने वाले समाजसेवी विनेश बारस्कर ने बताया कि जब वह बैतूल से अपने गांव लौट रहे थे, तब इसी मार्ग पर उनकी गाड़ी फिसलकर धीरे-धीरे नदी की ओर बढ़ने लगी। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उनकी मदद की और बड़ी मशक्कत के बाद वाहन को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि यदि समय पर ग्रामीण सहायता के लिए नहीं पहुंचते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क परतवाड़ा-दादुढाना मार्ग को चांदू, भैंसदेही और नान्दा रोड से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से प्रतिदिन दो बसों का भी आवागमन होता है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी, किसान और कर्मचारी सफर करते हैं। बरसात के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है और हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
समाजसेवी विनेश बारस्कर ने कहा कि देश विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है, लेकिन क्षेत्र की यह सड़क आज भी विकास की बाट जोह रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की यह गंभीर समस्या क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को दिखाई नहीं दे रही है। यदि जनप्रतिनिधि जनता की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान नहीं देंगे तो विकास के दावे केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरेठा और कासिया के बीच लगभग पांच किलोमीटर लंबे इस मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और शीघ्र पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन न करना पड़े। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण होने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को राहत मिलेगी और आए दिन होने वाले हादसों की आशंका भी समाप्त होगी।




