जालौन

झांसी में मुंशी से लूटे 24.90 लाख 

वारदात में झांसी से हाल ही में तबादला लेकर जालौन आये पुलिस कर्मी शामिल

पुलिस लाइन उरई में पदस्थ 3 सिपाही झांसी पुलिस की हिरासत में
झांसी एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने किया खुलासा दो सिपाहियों सहित छह को भेजा जेल
 आरोपियों के पास से 24.50 लाख रुपए एक क्रेटा कार हुए बरामद
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झांसी- अगर रक्षक ही लुटेरे बन जाए तो फिर कहा से होगी सुरक्षा वर्दी पहनने वाले ही लुटेरे बन जाए तो फिर आम पब्लिक कैसे करेगी अपने आपको सुरक्षित महसूस खाकी आखिर फिर हुई दागदार ऐसा ही एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है जहां वर्दीधारी ने ही एक युवक के साथ लूट कर ली पैसों की चाहत आखिर क्या कुछ नहीं करा सकती इसका जीता जागता उदाहरण आज देखने को मिल गया।
आइये पूरा मामला जानते है क्या था और कहा का था झांसी कोतवाली थाना क्षेत्र के मिनर्वा चैराहा के समीप होटल के सामने कार सवार वर्दीधारी तीन लोगों ने सूरत से आये ड्राईफ्रूट कारोबारी के मुंशी और उसके साथी को गुरुवार को जबरन अगवा कर लिया और कार में दोनों को अलग-अलग स्थानों पर घुमाते रहे। इसके उपरान्त लाखों की नगदी लूटकर उन्हें कई किलोमीटर दूर कानपुर बाईपास पर कार से उतारकर भाग गये। घटना उपरान्त मुंशी ने अपने मालिक को फोन पर जानकारी दी। मालिक के कहने पर मुंशी ने शुक्रवार को कोतवाली थाना पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने घटना की जांच की और देर रात झांसी पुलिस ने इस मामले में जालौन पुलिस लाइन में तैनात तीन सिपाहियों को हिरासत में अपने साथ झांसी ले गई और पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू कर दी है। गुजरात के सूरत निवासी जितेन्द्र पटेल का ड्राईफ्रूट का कारोबार है। उनका कारोबार अन्य प्रदेशों के अलावा उत्तर प्रदेश के झांसी में भी फैला है तथा वह झांसी के दुकानदारों को ड्राईफ्रूट बेचते हैं। झांसी में दुकानदारों से माल का रुपया लेने के लिए उनका मुंशी किशन पांचाल आता है। गुरूवार की शाम मुंशी किशन पांचाल अपने साथी किशन कुमार के साथ दुकानदारों से माल का रुपया 24 लाख 90 हजार लेने के बाद स्कूटी से आ रहा था सारा रुपया बैग में रखा था। जब दोनों लोग स्कूटी पर सवार होकर मिनर्वा चैराहा से होते ही सुरेश होटल के सामने पहुंचे तभी काले रंग की कार में सवार होकर आये तीन वर्दीधारियों ने उन्हें रोक लिया और दोनों को जबरन कार में बैठा लिया। इस दौरान एक वर्दीधारी उनकी स्कूटी लेकर चला गया। मुंशी किशन पांचाल ने बताया कि उक्त वर्दीधारी काफी समय उन्हें कार से अलग-अलग स्थानों पर घुमाते रहे। इसके उपरान्त रुपयों से भरा बैग छीन लिया और उन्हें कई किलोमीटर दूर कानपुर बाईपास पर छोड़कर भाग गये। इस घटना से मुंशी भयभीत हो गया। उसने सूरत फोन लगाकर अपने मालिक जितेन्द्र से बात की और घटना से अवगत कराया। मालिक के कहने पर मुंशी शुक्रवार को कोतवाली थाना पहुंचा और घटना की लिखित तहरीर दी मुंशी ने बताया कि एक वर्दीधारी की नेमप्लेट पर राजेन्द्र सिंह लिखा था। पुलिस ने घटना स्थल पहुंचकर जांच की और लोगों से जानकारी ली। जिस पर लोगों ने काली कार में तीन वर्दीधारी के आने व घटना की पुष्टि की। सूचना मिलते ही सीओ सिटी रामवीर सिंह और कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान संदिग्ध क्रेटा कार के फुटेज मिले जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी। जांच के दौरान जालौन पुलिस लाइन में तैनात सिपाही मनोज, राघवेंद्र और नीरज के नाम सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि तीनों सिपाही पूर्व में झांसी में तैनात रह चुके हैं और उन्हें कारोबारी के मुनीम की गतिविधियों और वसूली के संबंध में पहले से जानकारी थी। आरोप है कि तीनों बिना किसी को सूचना दिए झांसी पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया। झांसी पुलिस ने तीनों संदिग्ध सिपाहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है जबकि मामले के अन्य पहलुओं और संभावित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। एसपी जालौन विनय कुमार सिंह ने बताया कि झांसी में हुई घटना में तीनों सिपाहियों की संलिप्तता सामने आई है। उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है तथा विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
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