भारत में डेंगू की पहली वैक्सीन ‘क्यूडेंगा’ को डीसीजीआई की मंजूरी

टाकेडा के इंटरकॉन्टिनेंटल मार्केट्स प्रमुख डॉ. महेंद्र नायक ने कहा कि भारत में डेंगू एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है और क्यूडेंगा की मंजूरी रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी के अनुसार, सात वर्षों के क्लीनिकल आंकड़ों में यह वैक्सीन डेंगू संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम के खिलाफ प्रभावी सुरक्षा प्रदान करती है।
भारत में मंजूरी टाकेडा के वैश्विक क्लीनिकल डेवलपमेंट कार्यक्रम के आधार पर दी गई है, जिसमें 19 परीक्षणों के तहत 28,000 से अधिक प्रतिभागियों को शामिल किया गया। फेज-3 ट्रायल में वैक्सीन ने डेंगू संक्रमण के खिलाफ 80.2 प्रतिशत और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम के खिलाफ 90.4 प्रतिशत तक प्रभावशीलता दिखाई।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भी डेंगू-प्रभावित क्षेत्रों में क्यूडेंगा के उपयोग की सिफारिश कर चुका है। यह वैक्सीन भारत सहित 43 देशों में मंजूर हो चुकी है और अब तक इसकी 3.2 करोड़ से अधिक डोज वितरित की जा चुकी हैं। कंपनी ने कहा कि वह भारतीय स्वास्थ्य प्राधिकरणों के साथ मिलकर वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करेगी।



