कांवड़ यात्रा को लेकर हाई अलर्ट, मुख्य सचिव और डीजीपी ने मेरठ में की अंतरराज्यीय समीक्षा
जीरो इंसीडेंट-जीरो एक्सीडेंट लक्ष्य, अफवाह फैलाने वालों पर होगी त्वरित कार्रवाई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेरठ। कांवड़ यात्रा को सकुशल, शांतिपूर्ण और दुर्घटनामुक्त संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को मेरठ मंडलायुक्त सभागार में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और डीजीपी राजीव कृष्ण की संयुक्त अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़ और मुरादाबाद मंडलों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
बैठक से पूर्व मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने बाबा औघड़नाथ मंदिर पहुंचकर कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। बैठक में पीपीटी के माध्यम से कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित चुनौतियों और उनसे निपटने के लिए की गई तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी किया गया। जनपद आगमन पर आयुक्त मेरठ मंडल एवं एडीजी ने मुख्य सचिव और डीजीपी का स्मृति चिह्न, पौधा एवं शॉल भेंटकर स्वागत किया।
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कहा कि कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है और इसे बिना किसी अप्रिय घटना एवं दुर्घटना के संपन्न कराना सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को अपने दायित्वों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कांवड़ मार्गों पर नियमित साफ-सफाई, स्वच्छता और सैनिटेशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, कांवड़ शिविरों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने तथा शिविरों के लिए आवश्यक अनुमति, विद्युत कनेक्शन, अग्नि सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन कराने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कांवड़ उठाने के स्थलों, स्नान घाटों, प्रमुख मंदिरों और जलाभिषेक स्थलों पर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा सहायता और स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि कांवड़ मार्गों पर चिकित्सा शिविर, बाइक एम्बुलेंस, एम्बुलेंस सेवा और अस्पतालों में पर्याप्त बेड आरक्षित रखे जाएं ताकि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार मिल सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस बार “जीरो इंसीडेंट-जीरो एक्सीडेंट” के लक्ष्य के साथ पूरी व्यवस्था संचालित की जाएगी।
उन्होंने ट्रैफिक डायवर्जन के लिए सीमावर्ती राज्यों के साथ प्रभावी समन्वय, संयुक्त रूट प्लानिंग और त्वरित सूचना आदान-प्रदान सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही ग्राम स्तर तक सुरक्षा समितियों के साथ बैठकें कर संवेदनशील स्थलों पर पूर्व तैयारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में कांवड़ यात्रा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, मोबाइल टॉयलेट, जल निकासी, चिकित्सा शिविर, होटल-ढाबों पर रेट लिस्ट, ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग, विद्युत पोल पर सुरक्षा कवर, गोताखोर एवं मोटरबोट की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन से निगरानी, रूट डायवर्जन, साइनेज, प्लास्टिक मुक्त अभियान तथा शांति एवं कानून व्यवस्था शामिल रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि कांवड़ मार्ग पर मांस और शराब की दुकानों का संचालन न हो तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को पूर्व प्रशिक्षण दिया जाए तथा उन्हें आपदा प्रबंधन, आपातकालीन परिस्थितियों और श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशील एवं शालीन व्यवहार के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जाए ताकि कानून-व्यवस्था एवं यातायात प्रभावित न हो। उन्होंने राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों तथा एक्सप्रेस-वे के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए, जिससे कांवड़ यात्रियों को मार्ग संबंधी किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डीजीपी ने कहा कि पड़ोसी राज्यों के साथ सतत समन्वय बनाए रखा जाए तथा सूचना के आदान-प्रदान में किसी प्रकार की बाधा न आने दी जाए। उन्होंने डीजे संचालन को सुप्रीम कोर्ट के निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप कराने, डीजे की ऊंचाई तय मानक के अनुसार रखने तथा डीजे संचालकों का सत्यापन और चिन्हांकन समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने डीजे प्रतियोगिताओं, बिना साइलेंसर वाले वाहनों, स्टंटबाजी और अन्य अवांछनीय गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी शिकायत पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए।
डीजीपी ने विशेष रूप से सोशल मीडिया पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अफवाहों, भ्रामक समाचारों और फेक नैरेटिव पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा ऐसी किसी भी सूचना के सामने आने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही असामाजिक एवं आपराधिक तत्वों पर पैनी नजर रखते हुए उनके खिलाफ पूर्व से ही आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक के अंत में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी मंडलों एवं सीमावर्ती राज्यों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ शासन की मंशा के अनुरूप कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और भव्य रूप से संपन्न कराने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीजी भानु भास्कर, मेरठ मंडल के आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, डीआईजी कलानिधि नैथानी, मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह, एसएसपी अविनाश पांडे, पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता, सीडीओ नूपुर गोयल, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, एमडीए उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार, डीपीआरओ वीरेन्द्र सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़ और मुरादाबाद मंडलों के सभी जिलों के अधिकारी तथा उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।




