जालौन
सीसीटीवी में कैद चोर बेखौफ
पुलिस बेखबर! घाव भरे भी नहीं थे कि दिनदहाड़े फिर उड़े ₹2,500, चौकी प्रभारी की कार्यशैली पर उठे सवाल
एक के बाद एक चोरी की घटनाओं से सहमा नगर, पुराने मामलों का खुलासा अब तक नहीं; लोगों ने कहा—’आखिर कब जागेगी पुलिस?’
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
जालौन। नगर जालौन में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई मामलों में आरोपी सीसीटीवी कैमरों में कैद होने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इन घटनाओं का असर अभी लोगों के मन से कम भी नहीं हुआ था कि दिनदहाड़े बच्चों के खिलौनों की दुकान में हुई नई चोरी ने नगरवासियों की चिंता और बढ़ा दी।
ताजा मामला मोहल्ला गोविंदेश्वर का है, जहां पानी की टंकी के सामने स्थित बच्चों के खिलौनों की दुकान से अज्ञात युवक ने काउंटर में रखी गुल्लक से करीब ₹2,500 निकाल लिए। पीड़ित अतुल पांडे के अनुसार आरोपी पहले ग्राहक बनकर दुकान पर आया, सामान खरीदने और मोबाइल से भुगतान कराने की बात कही। कुछ देर बाद वह दोबारा लौटा और जैसे ही दुकान पर मौजूद उनका पुत्र पानी लेने पास के वाटर कूलर तक गया, आरोपी गुल्लक से नकदी निकालकर फरार हो गया।
घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर दी गई। पीड़ित का आरोप है कि चौकी प्रभारी मनीष तिवारी को कई बार फोन किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। दुकान के भीतर सीसीटीवी कैमरा नहीं था, हालांकि आसपास लगे कैमरों में आरोपी के आने-जाने की फुटेज मिलने की संभावना जताई जा रही है।
नगरवासियों का कहना है कि इससे पहले हुई कई चोरी की घटनाओं में भी आरोपी सीसीटीवी फुटेज में नजर आए, लेकिन अब तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं हो सका। इसी बीच सोशल मीडिया पर खुलेआम सट्टा लिखे जाने और सार्वजनिक स्थानों पर गांजा पीने के कथित वीडियो भी चर्चा का विषय बने हुए हैं, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ी हैं।
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद चौकी प्रभारी की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूर्व की घटनाओं में समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती, तो अपराधियों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि लंबित चोरी के मामलों का शीघ्र खुलासा किया जाए, आसपास के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच कर इस नई घटना के आरोपी को गिरफ्तार किया जाए तथा नगर में बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।

