साहेबगंज
राजमहल में सड़क चौड़ीकरण का विरोध
भू-धारियों ने एसडीओ को सौंपा ज्ञापन,वैकल्पिक मार्ग की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
साहिबगंज जिला के राजमहल अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत श्रीकुंड आरसीडी से शिवापहाड़ आरसीडी तक प्रस्तावित 6.675 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के विरोध में मंगलवार को प्रभावित भू-धारियों के प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी एसडीओ राजमहल को ज्ञापन सौंपकर सड़क के प्रस्तावित मार्ग में बदलाव की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि प्रस्तावित सड़क का निर्माण उपजाऊ तीन फसली सिंचित कृषि भूमि से होकर किया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में किसानों की खेती,आजीविका और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि प्रारंभिक अधिसूचना में कई स्थानों को ग्रीन लैंड के रूप में चिह्नित किया गया है,जबकि वहां पहले से कोई सड़क मौजूद नहीं है।भू- धारियों ने बताया कि इस मामले को लेकर पूर्व में उपायुक्त, भू-अर्जन पदाधिकारी तथा कार्यपालक अभियंता से कई बार मुलाकात कर लिखित आवेदन भी सौंपा गया था।अधिकारियों द्वारा समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया,लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।इसी कारण एक बार फिर प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ के समक्ष अपनी मांग रखी है।ज्ञापन में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम,2013की धारा-10का उल्लेख करते हुए कहा गया कि बहुफसली कृषि भूमि का अधिग्रहण अंतिम विकल्प होना चाहिए।किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण के लिए ऐसा वैकल्पिक मार्ग चुना जाए,जिससे विकास कार्य भी बाधित न हो और किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि भी सुरक्षित रहे।प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्तमान एलाइनमेंट के अनुसार सड़क निर्माण होने पर कृषि उत्पादन,सिंचाई व्यवस्था,पेड़- पौधों तथा स्थानीय लोगों की आजीविका पर व्यापक असर पड़ेगा।इसलिए प्रशासन जनहित और किसान हित को ध्यान में रखते हुए परियोजना की दोबारा समीक्षा करे।ज्ञापन सौंपने के दौरान मोहम्मद फैसल,असगर आलम,रफीकुल इस्लाम,गंगाधर यादव,श्याम पोद्दार सहित दर्जनों भू-धारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।



