बागपत
महिलाओं के स्वास्थ्य, मातृत्व और स्त्री रोगों पर डॉ. रुचि मलिक से खास बातचीत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
छपरौली (बागपत)। महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं अक्सर ऐसी होती हैं, जिनके बारे में महिलाएं खुलकर बात नहीं कर पातीं। गर्भधारण से लेकर प्रसव, मासिक धर्म की अनियमितता, सफेद प्रदर, बांझपन, पेट दर्द और गर्भावस्था के दौरान होने वाली विभिन्न परेशानियों तक समय पर चिकित्सकीय सलाह बेहद महत्वपूर्ण होती है।
इन्हीं विषयों को लेकर वर्धमान क्लीनिक, टेलीफोन एक्सचेंज के सामने, छपरौली (बागपत) में सेवाएं दे रहीं डॉ. रुचि मलिक, बी.ए.एम.एस., एम.डी. (यूनि.), प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ से संवाददाता सुरेंद्र मलानिया ने विस्तृत बातचीत की।
सवाल: डॉ. साहिबा, महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सबसे ज्यादा जागरूक कब होना चाहिए?
डॉ. रुचि मलिक: महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति हमेशा जागरूक रहना चाहिए। खासकर मासिक धर्म में लगातार अनियमितता, अत्यधिक रक्तस्राव, पेट या कमर में लगातार दर्द, सफेद प्रदर, गर्भधारण में परेशानी या गर्भावस्था के दौरान किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार महिलाएं यह सोचकर परेशानी सहती रहती हैं कि यह सामान्य बात है, जबकि समय पर जांच और उपचार से समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है।
सवाल: गर्भधारण के बाद महिलाओं को किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए?
डॉ. रुचि मलिक: गर्भावस्था एक महत्वपूर्ण अवस्था है। इस दौरान नियमित चिकित्सकीय जांच, संतुलित आहार, पर्याप्त आराम और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं एवं सप्लीमेंट्स का सेवन जरूरी है। गर्भावस्था के दौरान रक्तचाप, शुगर, हीमोग्लोबिन तथा बच्चे के विकास की निगरानी की जाती है। किसी भी तरह का असामान्य रक्तस्राव, तेज पेट दर्द, अत्यधिक सूजन या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
सवाल: सामान्य डिलीवरी को लेकर महिलाओं और परिवारों में बहुत चिंता रहती है। आपका क्या कहना है?
डॉ. रुचि मलिक: सामान्य डिलीवरी हर गर्भवती महिला और परिवार की इच्छा होती है, लेकिन सबसे पहले मां और बच्चे की सुरक्षा जरूरी है। हर गर्भावस्था अलग होती है। सामान्य प्रसव संभव है या किसी अन्य चिकित्सकीय प्रक्रिया की आवश्यकता है, इसका निर्णय महिला की स्वास्थ्य स्थिति और गर्भावस्था की परिस्थितियों को देखकर ही किया जाना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी तरह का निर्णय नहीं लेना चाहिए।
सवाल: बार-बार गर्भपात होने के क्या कारण हो सकते हैं?
डॉ. रुचि मलिक: बार-बार गर्भपात के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें हार्मोन संबंधी समस्याएं, कुछ संक्रमण, गर्भाशय से संबंधित समस्या, आनुवंशिक कारण, थायरॉयड या अन्य चिकित्सकीय स्थितियां शामिल हो सकती हैं। ऐसे मामलों में केवल अनुमान लगाने के बजाय चिकित्सकीय जांच आवश्यक है। सही कारण सामने आने के बाद ही उचित उपचार की दिशा तय की जा सकती है।
सवाल: बच्चेदानी में गांठ बनना क्या गंभीर समस्या है?
डॉ. रुचि मलिक: बच्चेदानी में गांठ यानी फाइब्रॉइड कई महिलाओं में पाया जाता है। हर गांठ खतरनाक हो, ऐसा जरूरी नहीं है। इसका आकार, स्थान और महिला में पैदा हो रहे लक्षण महत्वपूर्ण होते हैं। कुछ महिलाओं में अत्यधिक रक्तस्राव, दर्द या गर्भधारण में परेशानी हो सकती है। इसलिए जांच के बाद ही तय किया जा सकता है कि केवल निगरानी की आवश्यकता है या उपचार की।
सवाल: बच्चा बार-बार गिरना या गर्भ ठहरने के बाद गर्भपात होना किन कारणों से हो सकता है?
डॉ. रुचि मलिक: बार-बार गर्भपात को सामान्य मानकर छोड़ना उचित नहीं है। ऐसी स्थिति में महिला और दंपती का चिकित्सकीय मूल्यांकन आवश्यक हो सकता है। कारण अलग-अलग हो सकते हैं और हर मरीज की स्थिति अलग होती है। इसलिए बिना जांच किसी एक कारण को जिम्मेदार मानना ठीक नहीं है।
सवाल: कई दंपती लंबे समय तक प्रयास करने के बाद भी संतान प्राप्त नहीं कर पाते। उन्हें क्या करना चाहिए?
डॉ. रुचि मलिक: ऐसी स्थिति में पति-पत्नी दोनों को चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। संतान न होने की समस्या केवल महिला से जुड़ी हुई नहीं होती। पुरुष और महिला दोनों की जांच की आवश्यकता हो सकती है। कई बार कारण उपचार योग्य होता है। इसलिए सामाजिक दबाव या शर्म के कारण समस्या को छिपाने के बजाय समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहतर है।
सवाल: मासिक धर्म की अनियमितता को महिलाएं अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं। क्या यह सही है?
डॉ. रुचि मलिक: यदि कभी-कभार चक्र में बदलाव हो तो परिस्थितियां अलग हो सकती हैं, लेकिन लगातार मासिक धर्म अनियमित रहना, बहुत ज्यादा या बहुत कम रक्तस्राव होना, लंबे समय तक पीरियड न आना अथवा अत्यधिक दर्द होना जांच की वजह हो सकता है। इसके पीछे हार्मोनल असंतुलन सहित कई कारण हो सकते हैं। समस्या लगातार बनी रहे तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
सवाल: सफेद प्रदर को लेकर महिलाओं में कई तरह की भ्रांतियां हैं। आप क्या कहना चाहेंगी?
डॉ. रुचि मलिक: सफेद स्राव हर स्थिति में बीमारी नहीं होता। लेकिन यदि स्राव के साथ दुर्गंध, खुजली, जलन, दर्द या असामान्य रंग हो अथवा समस्या लगातार बनी रहे तो संक्रमण या अन्य कारणों की जांच आवश्यक हो सकती है। महिलाओं को शर्म के कारण इसे छिपाना नहीं चाहिए।
सवाल: पेट में दर्द को महिलाएं अक्सर गैस या सामान्य समस्या समझकर छोड़ देती हैं। कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
डॉ. रुचि मलिक: पेट दर्द के अनेक कारण हो सकते हैं। यदि दर्द लगातार रहे, बार-बार हो, बहुत तेज हो, मासिक धर्म से असामान्य रूप से जुड़ा हो या उसके साथ रक्तस्राव, बुखार, उल्टी अथवा अन्य लक्षण हों तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है। पेट दर्द को केवल एक ही कारण से जोड़कर देखना उचित नहीं है।
सवाल: मासिक धर्म बंद होने के बाद महिलाओं को किन समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए?
डॉ. रुचि मलिक: उम्र बढ़ने के साथ हार्मोनल बदलाव होते हैं और मासिक धर्म बंद होना प्राकृतिक प्रक्रिया है। इस दौरान कुछ महिलाओं को गर्मी लगना, नींद में परेशानी, मूड में बदलाव या अन्य समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन किसी भी असामान्य रक्तस्राव या लगातार परेशान करने वाले लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
सवाल: परिवार नियोजन को लेकर आपका क्या संदेश है?
डॉ. रुचि मलिक: परिवार नियोजन दंपती का व्यक्तिगत और महत्वपूर्ण निर्णय है। बच्चों के बीच उचित अंतर, महिला के स्वास्थ्य और परिवार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकीय सलाह के साथ उपयुक्त विकल्प चुना जा सकता है। परिवार नियोजन के लिए उपलब्ध विभिन्न साधनों के बारे में सही जानकारी होना बहुत जरूरी है।
सवाल: कॉपर-टी को लेकर महिलाओं में कई तरह की धारणाएं हैं। इसके बारे में क्या बताना चाहेंगी?
डॉ. रुचि मलिक: कॉपर-टी गर्भनिरोध का एक विकल्प है। इसे लगाने से पहले महिला की स्वास्थ्य स्थिति और उपयुक्तता का चिकित्सकीय मूल्यांकन किया जाता है। इसे लेकर किसी परिचित की बात या सोशल मीडिया की जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से पूरी जानकारी लेकर निर्णय लेना चाहिए।
सवाल: आजकल महिलाओं में बांझपन की समस्या को लेकर चिंता बढ़ रही है। इसका सफल इलाज संभव है?
डॉ. रुचि मलिक: कई मामलों में संतान प्राप्ति में आ रही परेशानी का कारण पता लगाकर उसका उपचार किया जा सकता है। लेकिन इसका कोई एक इलाज सभी के लिए समान नहीं होता। महिला और पुरुष दोनों की स्थिति, उम्र, चिकित्सकीय इतिहास और जांच रिपोर्ट के आधार पर उपचार की दिशा तय की जाती है। इसलिए धैर्य रखना और सही चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
सवाल: महिलाओं के लिए आपकी सबसे महत्वपूर्ण सलाह क्या है?
डॉ. रुचि मलिक: मेरी सबसे महत्वपूर्ण सलाह यही है कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य को परिवार की बाकी जिम्मेदारियों से कम महत्वपूर्ण न समझें। कोई समस्या लगातार बनी हुई है तो उसे छिपाने या घरेलू उपचार करते रहने के बजाय समय पर डॉक्टर से सलाह लें। गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच और चिकित्सकीय सलाह का पालन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
सवाल: अंत में छपरौली और आसपास की महिलाओं के लिए आपका संदेश?
डॉ. रुचि मलिक: महिलाओं को अपने स्वास्थ्य से संबंधित किसी भी परेशानी को लेकर संकोच नहीं करना चाहिए। सही जानकारी, समय पर जांच और उचित चिकित्सकीय सलाह कई समस्याओं को गंभीर होने से रोक सकती है। हमारा प्रयास है कि महिलाओं को स्त्री रोग एवं प्रसूति से जुड़ी समस्याओं के संबंध में उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन मिल सके।
महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर बातचीत करना आज की आवश्यकता है। खासकर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कई महिलाएं अपनी समस्या परिवार के सामने भी नहीं रख पातीं। ऐसे में जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय परामर्श बेहद महत्वपूर्ण है।
वर्धमान क्लीनिक, टेलीफोन एक्सचेंज के सामने, छपरौली (बागपत) में डॉ. रुचि मलिक से प्रसूति एवं स्त्री रोग संबंधी समस्याओं पर चिकित्सकीय परामर्श लिया जा सकता है। इमरजेंसी सुविधा 24 घंटे उपलब्ध होने की जानकारी क्लीनिक के विज्ञापन में दी गई है।



