कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा, निर्माणाधीन भवनों का कार्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश
Review of Welfare Department schemes; directive to expedite the completion of under-construction buildings.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
दुमका। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति, छात्रावास एवं आवासीय विद्यालयों के निर्माण, विद्यालयों के मरम्मत कार्य, स्मार्ट क्लास, आदिवासी कला केंद्र तथा स्वास्थ्य सुविधाओं सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को सभी लंबित प्रक्रियाएं पूरी करते हुए दो दिनों के अंदर जिले के सभी पात्र बच्चों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में पात्र विद्यार्थियों को इसका लाभ दिलाने में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
भवन प्रमंडल सहित अन्य संबंधित विभागों के निर्माणाधीन भवनों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने शेष कार्यों को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। जिन भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, उनकी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर संबंधित विभाग को शीघ्र हैंडओवर किया जाए, ताकि उनका उपयोग प्रारंभ किया जा सके। आवासीय विद्यालयों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने विद्यालयों में पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और इस दिशा में संबंधित अधिकारी प्राथमिकता के साथ कार्य करें।
स्मार्ट क्लास का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर
स्मार्ट क्लास की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिन विद्यालयों में यह सुविधा उपलब्ध है, वहां इसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की उपलब्धता तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए छात्र-छात्राओं को स्मार्ट क्लास का अधिकतम लाभ दिलाने का निर्देश दिया गया।
आदिवासी कला केंद्रों को उपयोगी बनाने की पहल
उपायुक्त ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में निर्मित आदिवासी कला केंद्रों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी आदिवासी कला केंद्र अनावश्यक रूप से खाली न रहे। संबंधित विभागों एवं स्थानीय लोगों के साथ समन्वय स्थापित कर इन भवनों के प्रभावी उपयोग की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया, ताकि आमजनों की सुविधा एवं स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इनका उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इसी क्रम में संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने जिला कल्याण पदाधिकारी को सभी योजनाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं की नियमित समीक्षा की जा सके।
लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण
बैठक में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले कुछ प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों से उपायुक्त ने स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। विद्यालयों की आधारभूत संरचना की समीक्षा के दौरान छोटे-छोटे मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक मरम्मत कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
काठीकुंड अस्पताल की भी हुई समीक्षा
बैठक में काठीकुंड स्थित कल्याण विभाग द्वारा संचालित अस्पताल की कार्यप्रणाली, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आमजनों को मिल रही सेवाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को कल्याण विभाग की योजनाओं का प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ लक्षित लाभुकों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के वरीय अधिकारी मौजूद थे।



