मां ज्वालामुखी मंदिर विवाद
संचालन समिति ने दस्तावेजों के साथ रखा पक्ष,आरोपों को बताया तथ्यहीन

बकाया किराया और मंदिर संपत्ति मामले में समिति ने 2005 से 2023 तक हुई जांचों का दिया हवाला
प्रधान पुजारी ने हेमंत मिश्रा को पूजा-पद्धति का ज्ञान साबित करने की दी चुनौती
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। मां ज्वालामुखी भगवती संचालन समिति, शक्तिनगर ने मंदिर प्रबंधन, संपत्ति एवं प्रधान पुजारी पं. श्लोकी प्रसाद मिश्रा को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए विभिन्न प्रशासनिक जांचों और दस्तावेजों का हवाला दिया है। समिति ने प्रेस वार्ता आयोजित कर मंदिर की दुकानों के बकाया किराये, संपत्ति विवाद और पूर्व में हुई जांचों से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किया।
समिति के अनुसार मंदिर की भूमि गाटा संख्या 536, रकबा 0.52 डिसमिल पर मंदिर प्रबंधन द्वारा दुकान का निर्माण कराया गया था। समिति का आरोप है कि उक्त दुकान को रामलखन मिश्रा द्वारा अपने पौत्र हेमंत मिश्रा को बिना समिति की अनुमति एवं बैठक की सहमति के सौंप दिया गया। समिति ने दावा किया कि दुकान का किराया लंबे समय से लंबित है और वर्तमान में करीब 13.50 लाख रुपये बकाया है।
समिति ने प्राचीन पीपल वृक्ष और स्वयंभू शिवलिंग से जुड़े मामले का भी उल्लेख करते हुए कहा कि मंदिर परिसर में वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं को लेकर भी विवाद उत्पन्न किया गया। समिति का आरोप है कि दुकान के पीछे स्थित पीपल वृक्ष के पास स्थापित स्वयंभू शिवलिंग को बाद में दुकान के सामने स्थानांतरित किया गया तथा पेड़ा फैक्ट्री संचालन के कारण मंदिर परिसर की व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं।
2005 से 2023 तक हुई जांचों का दिया हवाला
संचालन समिति ने बताया कि मंदिर प्रबंधन और प्रधान पुजारी को लेकर पूर्व में भी कई शिकायतें की गईं। समिति के अनुसार वर्ष 2005 में दानपात्र और चढ़ावे से संबंधित शिकायतों पर राजस्व विभाग एवं प्रशासनिक स्तर पर जांच हुई, जिसमें मंदिर खाते में वित्तीय अनियमितता नहीं पाए जाने का दावा किया गया।
समिति ने 2008, 2013, 2018, 2019 और 2023 में हुई विभिन्न जांच एवं प्रशासनिक कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि संबंधित जांचों में समिति के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हुए। समिति ने दावा किया कि वर्ष 2023 में उच्च न्यायालय के निर्देश पर हुई जांच में भी प्रधान पुजारी पं. श्लोकी प्रसाद मिश्रा के विरुद्ध अनियमितता अथवा धोखाधड़ी नहीं पाई गई।समिति ने कहा कि वर्ष 2026 में लगाए गए नए आरोपों की जांच वर्तमान में चल रही है और वह निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग कर रही है।
प्रधान पुजारी ने दी खुली चुनौती
प्रेस वार्ता में प्रधान पुजारी पं. श्लोकी प्रसाद मिश्रा ने हेमंत मिश्रा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें मां ज्वालामुखी मंदिर की पूजा-पद्धति और धार्मिक परंपराओं का ज्ञान है तो वह इसे सार्वजनिक रूप से साबित करें।
उन्होंने कहा कि मंदिर की पूजा व्यवस्था केवल आरोप लगाने से नहीं, बल्कि परंपरा और विधि-विधान के ज्ञान से संचालित होती है। उन्होंने कहा कि यदि हेमंत मिश्रा पूजा-पद्धति की जानकारी और धार्मिक परंपराओं को प्रमाणित कर देते हैं तो वह मंदिर व्यवस्था छोड़ने तक को तैयार हैं।
संचालन समिति ने कहा कि किसी भी पक्ष के पास यदि कोई दस्तावेज या तथ्य हैं तो वह सामने रख सकता है। समिति ने मीडिया से अपील की कि मंदिर जैसे संवेदनशील धार्मिक विषय पर समाचार प्रकाशित करने से पहले सभी पक्षों और उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन किया जाए।
समिति ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति की छवि खराब करना नहीं, बल्कि मंदिर प्रबंधन और संपत्ति से जुड़े तथ्यों को सामने रखना तथा निष्पक्ष जांच प्रक्रिया में सहयोग करना है।



