फोर्टिस शालीमार बाग और वसंत कुंज में लंग फेलियर क्लीनिक शुरू

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
नई दिल्ली : फोर्टिस हॉस्पिटल शालीमार बाग और फोर्टिस हॉस्पिटल वसंत कुंज ने गंभीर एवं अंतिम चरण के फेफड़ों के रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए लंग फेलियर क्लीनिक शुरू किए हैं। इन क्लीनिकों में एडवांस लंग फेलियर के उपचार के साथ लंग ट्रांसप्लांट के मूल्यांकन, पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन और उपचार के बाद फॉलो-अप सहित मल्टीडिसीप्लीनरी देखभाल उपलब्ध होगी।
फोर्टिस शालीमार बाग का क्लीनिक प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को दोपहर 12 से 2 बजे तक संचालित होगा, जबकि फोर्टिस वसंत कुंज में क्लीनिक के संचालन का कार्यक्रम जल्द घोषित किया जाएगा।
क्लीनिक का संचालन डॉ. गोविनी बालासुब्रमणि, डॉ. विकास मौर्या और डॉ. प्रशांत सक्सेना के नेतृत्व में किया जाएगा। यहां पल्मोनोलॉजिस्ट, ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ, रिहैबिलिटेशन विशेषज्ञ और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ मिलकर मरीजों के लिए समन्वित उपचार उपलब्ध कराएंगे।
क्लीनिक में मरीजों के विस्तृत मूल्यांकन, मेडिकल थेरेपी के अनुकूलन और लंग ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्तता की जांच की जाएगी। जरूरत के अनुसार प्री-ट्रांसप्लांट काउंसलिंग, क्लीनिकल जांच और पोस्ट-ट्रांसप्लांट फॉलो-अप भी किया जाएगा। इसके अलावा एडवांस पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट, ब्रॉन्कोस्कोपी, इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन, पोषण परामर्श, नींद का मूल्यांकन, नॉन-इनवेसिव वेंटिलेशन और मरीजों व देखभालकर्ताओं के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शन उपलब्ध होगा।
29 वर्षीय फिजियोथेरेपिस्ट का सफल डबल लंग ट्रांसप्लांट
फोर्टिस शालीमार बाग में हाल ही में 29 वर्षीय फिजियोथेरेपिस्ट का सफल डबल लंग ट्रांसप्लांट किया गया। वर्ष 2021 में उन्हें इंटरस्टिशियल लंग डिजीज का पता चला था। उपचार के बावजूद उनकी स्थिति बिगड़ती गई और 2023 में उन्हें गंभीर फेफड़ों के संक्रमण और सेप्सिस के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। वर्ष 2025 के अंत तक उनकी फेफड़ों की कार्यक्षमता काफी कम हो गई और उन्हें लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ने लगी।
मल्टीडिसीप्लीनरी टीम के मूल्यांकन के बाद मई 2026 में उनका डबल लंग ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया। अस्पताल के अनुसार, यह मामला एडवांस लंग फेलियर के मरीजों में समय पर विशेषज्ञ मूल्यांकन और उपचार के महत्व को दर्शाता है।
डॉ. गोविनी बालासुब्रमणि ने कहा कि गंभीर फेफड़ों के रोगों के मामलों में वायु प्रदूषण, तंबाकू के संपर्क, पेशेगत जोखिम, संक्रमण और बढ़ती उम्र जैसे कई कारक भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय पर निदान, रेफरल और विशेषज्ञों की मल्टीडिसीप्लीनरी देखभाल से रोग की प्रगति को नियंत्रित करने और उपचार के परिणाम बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
डॉ. विकास मौर्या ने कहा कि एडवांस लंग रोग मरीज की सांस लेने की क्षमता और दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करता है। समर्पित लंग फेलियर क्लीनिक मरीजों को बीमारी के विभिन्न चरणों में विशेषज्ञ सलाह, समन्वित देखभाल और जरूरत पड़ने पर लंग ट्रांसप्लांट सहित एडवांस उपचार के लिए समय पर मूल्यांकन उपलब्ध कराएंगे।
डॉ. प्रशांत सक्सेना ने कहा कि गंभीर श्वसन रोगों की देखभाल केवल लक्षणों के उपचार तक सीमित नहीं होनी चाहिए। पल्मोनोलॉजी, क्रिटिकल केयर, रिहैबिलिटेशन, पोषण और ट्रांसप्लांटेशन विशेषज्ञों के सहयोग से मरीज की दीर्घकालिक जरूरतों और जीवन गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए उपचार किया जाना जरूरी है।
फोर्टिस हेल्थकेयर की चीफ ग्रोथ एंड इनोवेशन ऑफिसर डॉ. ऋतु गर्ग ने कहा कि लंग फेलियर क्लीनिक की शुरुआत अत्याधुनिक चिकित्सा, विशेषज्ञता और समग्र देखभाल को एक मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि डॉ. गोविनी बालासुब्रमणि को 350 से अधिक हार्ट और लंग ट्रांसप्लांट का अनुभव है और वे लंग ट्रांसप्लांट कार्यक्रमों के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रही हैं।
क्लीनिकों की शुरुआत के साथ फोर्टिस का लक्ष्य गंभीर फेफड़ों के रोगों से जूझ रहे मरीजों को जांच से लेकर उपचार, पुनर्वास और जरूरत पड़ने पर ट्रांसप्लांट तक एकीकृत एवं निरंतर देखभाल उपलब्ध कराना है।



