
अर्वाचीन इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह को बांधी राखी, पुलिस कार्यालय में दिखा भाई-बहन के स्नेह का अनोखा नजारा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
हापुड़। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर हापुड़ पुलिस कार्यालय में भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का अनूठा संगम देखने को मिला। अर्वाचीन इंटरनेशनल स्कूल, पिलखुवा की छात्राएं रक्षाबंधन के अवसर पर पुलिस कार्यालय पहुंचीं और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह की कलाई पर राखी बांधकर उनकी दीर्घायु, सुख-समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना की। छात्राओं के इस आत्मीय भाव से पुलिस कार्यालय का माहौल भी खुशनुमा हो गया।
राखी बांधने के दौरान छात्राओं ने पुलिस अधीक्षक को अपना भाई मानते हुए समाज की बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। छात्राओं ने कहा कि पुलिसकर्मी दिन-रात अपनी ड्यूटी निभाकर आमजन की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रक्षाबंधन जैसे पर्व पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं अपनत्व की भावना को और मजबूत करते हैं।
पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने छात्राओं के स्नेह और शुभकामनाओं के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने सभी छात्राओं को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। एसपी ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा हापुड़ पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनकी सुरक्षा और सम्मान के लिए पुलिस हर समय तत्पर है।
उन्होंने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। साथ ही उन्होंने छात्राओं को शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाने, मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने तथा समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
रक्षाबंधन के इस विशेष अवसर पर छात्राओं में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। पुलिस अधीक्षक की कलाई पर राखी बांधने के बाद छात्राओं ने उनसे बातचीत की और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पुलिस और समाज के बीच विश्वास का रिश्ता केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव से भी मजबूत होता है।
हापुड़ पुलिस कार्यालय में आयोजित यह आत्मीय कार्यक्रम रक्षाबंधन के पर्व को सामाजिक जिम्मेदारी और महिला सुरक्षा के संकल्प से जोड़ता नजर आया। छात्राओं और पुलिस अधीक्षक के बीच भाई-बहन के स्नेह का यह पल लंबे समय तक यादगार बना रहा।




