असम के मंत्री अतुल बोरा द्वारा विश्वनाथ में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान का भव्य उद्घाटन।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम के विश्वनाथ जिले के पानीभराल में , 27 अगस्त 2026 को, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) का औपचारिक उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामोन्नयन विभाग के मंत्री अतुल बोरा ने किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन, ASRLM और इंडियन बैंक की ओर से तथा जिले की प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।समारोह में सांसद रंजीत दत्त, विश्वनाथ विधानसभा के विधायक पल्लवलोचन दास, बिहाली विधानसभा से विधायक मुनिंद्र दास, पूर्व मंत्री व असम बीज निगम के अध्यक्ष प्रवीण हजारिका , जिला परिषदाध्यक्ष सुनीता ताती, असम राज्य ग्रामीण जीविका अभियान (ASRLM) के कार्यकारी निर्देशक कुण्टलमणि शर्मा बरदोलोई , जिला आयुक्त करवी सैकिया करन, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत कोवर, इंडियन बैंक के उप महाप्रबंधक शशीकांत दास तथा समाजसेवी नयन सैकिया प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद मंत्री अतुल बोरा ने विश्वनाथ कृषि महाविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित मुख्य समारोह को भी संबोधित किया। कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि विश्वनाथ एक अत्यंत संभावनाओं से भरा जिला है जहाँ मेहनती किसान और उद्यमशील युवा विस्तृत हैं। उन्होंने कहा कि इस RSETI के माध्यम से स्थानीय युवाओं और किसानों को आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी तथा स्वरोजगार से जुड़ी दक्षताएँ प्रदान की जाएंगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवारों तथा समुदायों की आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकें। सांसद रंजीत दत्त, विधायक पल्लवलोचन दास और ASRLM के निदेशक कुण्टलमणि शर्मा बरदोलोई ने भी अपने संबोधनों में संस्थान के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण केंद्र उन लोगों के लिए विशेष रूप से सहायक होगा जो स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं, तथा बैंक और ASRLM जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर इसे सफल बनाया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान संस्थान में उपस्थित लगभग तीन दर्जन प्रशिक्षार्थियों के साथ एक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उनके सवालों और अपेक्षाओं पर चर्चा हुई। समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने नए संस्थान को समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन करार दिया और स्थानीय रोजगार सृजन तथा ग्रामीण विकास में इसकी भूमिका के प्रति आशावादी रुख जाहिर किया।



