असम में बाढ़ राहत वितरण को लेकर विधायक अखिल गोगोई और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव तेज
भाजपा ने दर्ज कराए 8 अलग-अलग एफ़आईआर ।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री वितरण को लेकर शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच विवाद तेज हो गया है। भाजपा के विभिन्न संगठन—युवा मोर्चा, चाॅ मोर्चा, महिला मोर्चा, अल्पसंख्यक कोष, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा और पिछड़ा वर्ग—ने सोमवार को शिवसागर थाने में विधायक के खिलाफ अलग-अलग 8 एफ़आईआर दर्ज कराई हैं। भाजपा का आरोप है कि राहत वितरण के दौरान विधायक ने पार्टी कार्यकर्ताओं को धमकी देने के साथ अपमानजनक टिप्पणियाँ कीं।पक्ष-विपक्ष के बयानों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत बाढ़ राहत सामग्री के बांटने के तरीके को लेकर हुई। विधायक अखिल गोगोई ने राज्य सरकार और प्रशासन पर प्रभावितों तक समय पर मदद नहीं पहुँचाने का आरोप लगाते हुए वितरण प्रक्रिया और गड़बड़ी के विषय उठाए थे। शिवसागर में रहने वाले प्रभावित ग्रामीणों और स्कूलों तक सहायता न पहुँचने की शिकायतों का हवाला देते हुए विधायक ने प्रशासनिक जवाबदेही पर लगातार सवाल उठाए। भाजपा नेताओं का कहना है कि विधायक द्वारा उठाए गए आरोप पार्टी कार्यकर्ताओं और नेता-मंडल की छवि खराब करने के उद्देश्य से हैं। शिवसागर में किए गए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी के राज्य उपाध्यक्ष लक्षी कौंवर ने कहा कि गगै ने कई भाजपा विधायकों और पदाधिकारियों—नाज़िरा के विधायक मयूर बरगोहांई, डिमौ के विधायक व मंत्री सुषांत बरगोहांई, सोनारी के विधायक धर्मेश्वर कौंवर और अभिभावक मंत्री बिमल बोरा —के खिलाफ आधारहीन आरोप लगाए हैं। लक्षी कौंवर ने आरोपों को राजनीतिक साज़िश करार दिया है। इसके अलावा, विधायक ने बिहूबड़-नागिनीमरा क्षेत्र में कथित अवैध कोयला और शिल खनन की बात भी उठाई, जिसे भाजपा ने निंदनीय और बदनाम करने वाला बताया। विवाद तब और गरमा गया जब एक बैठक के दौरान विधायक और शिवसागर के आयुक्त मृदुल यादव के बीच तकरार की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई; भाजपा का दावा है कि वीडियो में विधायक ने आयुक्त को उकसाने तथा धमकी देने जैसी भाषा का प्रयोग किया। जबकि अखिल गोगोई ने इसे सिर्फ उनके विधानसभा क्षेत्र के जनता के हक के लिए उनका फर्ज के चलते हुए एक गंभीर बात बताई है। हालांकि, विवाद के दोनों पक्षों के आगे के बयान और पुलिस की जांच पर आने वाले दिनों में घटनाक्रम की दिशा तय होगी। 8 एफ़आईआर दायर हो जाने के बाद राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर संघर्ष तेज होने की संभावना बतायी जा रही है। शिवसागर प्रशासन और पुलिस ने फिलहाल जांच शुरू करने की जानकारी दी है।



