
लखनऊ । रक्षाबंधन कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं ने अखिलेश यादव को राखी बांधी। इसके बाद उन्होंने जेपीएनआईसी को निजी कंपनी को लीज पर देने के फैसले पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती तो अधूरी इमारत का काम पूरा हो सकता था। फैसले के विरोध की आशंका पर पुलिस तैनात रही।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। लोहिया सभागार में सैकड़ों महिलाओं ने उन्हें राखी बांधी और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। अखिलेश यादव ने भी महिलाओं को शगुन का लिफाफा देकर पर्व की बधाई दी।
कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने गोमतीनगर स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) को निजी कंपनी को लीज पर देने के फैसले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा के रास्ते पर ही पार्टी आगे बढ़ती रहेगी।
बिल्डिंग का अधूरा काम पूरा कराया जा सकता था
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने अपने गठन के समय जयप्रकाश नारायण की तस्वीर लगाई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भाजपा सरकार वास्तव में चाहती तो जेपीएनआईसी की बिल्डिंग का अधूरा काम पूरा कराया जा सकता था। यह इमारत जनता के पैसे से बनाई गई है और ठेकेदार को पूरा भुगतान भी किया जा चुका है। इसके बावजूद सेंटर का काम पूरा नहीं कराया गया।
गरीब महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे
अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव ने राष्ट्रीय महिला समानता दिवस के अवसर पर आयोजित संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके तहत समाजवादी सरकार बनने पर आधी आबादी को पूरी आजादी मिलेगी। उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। गरीब महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। छात्राओं को इंटर पास होने के बाद लैपटॉप और साइकिल दी जाएगी। महिलाओं की सरकारी बसों में यात्रा मुफ्त होगी। छात्राओं को मेट्रो सफर मुफ्त होगा।
पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार में बंद किए सभी 26 हजार प्राइमरी स्कूल फिर खोले जाएंगे। सरकारी स्कूलों में फीस माफ और प्राइवेट में फीस हाफ होगी। न्यूट्रिशन मिशन योजना फिर शुरू की जाएगी। आॅगनबाड़ी केंद्रों को ठीक किया जाएगा। अखिलेश यादव ने कहा कि स्त्री सम्मान समृद्धि योजना आधी आबादी की पूरी आजादी का संकल्प है।



