डॉल्फिन संरक्षण एवं सुरक्षा पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
One-day workshop on dolphin conservation and protection organized

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
साहिबगंज 29अगस्त2026 को गंगा नदी में पाई जाने वाली गंगा डॉल्फिन के संरक्षण,सुरक्षा एवं वैज्ञानिक निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से शनिवार को डॉल्फिन व्याख्या केंद्र चानन साहिबगंज में वन प्रमंडल साहिबगंज द्वारा डॉल्फिन संरक्षण एवं सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में डॉल्फिन संरक्षण के विशेषज्ञ डॉ.नचिकेत केलकर आशुतोष कुमार एवं सौमेन बक्शी ने डॉल्फिन निगरानीकर्ताओं एवं वन विभाग के फील्ड कर्मियों को संरक्षण एवं सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक जानकारी दी। कार्यशाला में वन प्रमंडल पदाधिकारी,साहिबगंज,प्रबल गर्ग भी उपस्थित रहे।उन्होंने डॉल्फिन संरक्षण के लिए नियमित निगरानी, वैज्ञानिक आंकड़ों के संकलन तथा फील्ड स्तर पर त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।उन्होंने डॉल्फिन निगरानीकर्ताओं को अपने क्षेत्र में लगातार सतर्क रहते हुए डॉल्फिन से संबंधित गतिविधियों एवं घटनाओं की सही जानकारी विभाग तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।कार्यशाला के दौरान मृत डॉल्फिन के शव के प्रबंधन एवं ऊतक नमूनों के संरक्षण पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।विशेषज्ञों ने बताया कि मृत डॉल्फिन मिलने की स्थिति में उसके शव को वैज्ञानिक तरीके से संभालना आवश्यक है,ताकि आगे के अध्ययन एवं विश्लेषण के लिए आवश्यक ऊतक नमूने सुरक्षित किए जा सकें।इससे डॉल्फिन की मृत्यु के संभावित कारणों तथा उसके स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।इसी दौरान उन्होने बताया की,मछली पकड़ने के जाल में डॉल्फिन के फंसने की स्थिति में उसके सुरक्षित बचाव एवं पुनर्वास की प्रक्रिया पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।प्रतिभागियों को बताया गया कि ऐसी परिस्थिति में किस प्रकार सावधानीपूर्वक कार्रवाई की जाए,ताकि डॉल्फिन को चोट न पहुंचे और उसे सुरक्षित रूप से जाल से मुक्त किया जा सके।विशेषज्ञों ने डॉल्फिन निगरानीकर्ताओं को बताया कि फील्ड में डॉल्फिन के व्यवहार, गतिविधियों,उपस्थिति,स्थान एवं अन्य महत्वपूर्ण परिस्थितियों का किस प्रकार व्यवस्थित रूप से अवलोकन एवं अभिलेखन किया जाए।कार्यशाला में विक्रमशिला गंगेटिक डॉल्फिन अभयारण्य, भागलपुर,बिहार से जुड़े विशेषज्ञों के अनुभव एवं तकनीकी जानकारी का लाभ प्रतिभागियों को मिला।इस दौरान डॉल्फिन संरक्षण से संबंधित जमीनी चुनौतियों,निगरानी व्यवस्था एवं आपातकालीन परिस्थितियों में कार्रवाई को लेकर भी चर्चा की गई।कार्यक्रम में वनपाल राणा रंजीत,प्रधान वनरक्षी अंकित झा , प्रेम कुमार एवं पप्पू कुमार सहित सभी डॉल्फिन निगरानीकर्ता उपस्थित रहे।कार्यशाला का उद्देश्य फील्ड स्तर पर कार्य कर रहे डॉल्फिन निगरानीकर्ताओं एवं वनकर्मियों की क्षमता को बढ़ाना तथा डॉल्फिन से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में त्वरित, सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।



