
नई दिल्ली । एसआईआर प्रक्रिया के बाद महाराष्ट्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 2.06 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और ‘वोट चोरी आयोग’ अपनी रणनीति बदलते रहते हैं और आगे भी ऐसा ही करते रहेंगे, क्योंकि उनका एकमात्र मकसद किसी भी कीमत पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करना और भारत के लोकतंत्र को खत्म करना है।
एसआईआर प्रक्रिया के बाद महाराष्ट्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 2,06,88,487 मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हो पाए हैं। इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने इखढ और चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में मतदाता अपने पते पर नहीं मिले, घर बदल चुके थे, उनकी मृत्यु हो चुकी थी या उनके नाम डुप्लीकेट थे। वहीं, जिन पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें 30 सितंबर तक दावा-आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी होगी।
‘वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता महत्वपूर्ण नहीं’
राहुल गांधी ने कहा कि ‘वोट चोरी’ के जरिए बनी सरकार के लिए जनता महत्वपूर्ण नहीं है। यही वजह है कि इखढ न तो लोगों की बात सुनती है और न ही उनके आदेश का पालन करती है।
‘लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘भाजपा और ‘वोट चोरी आयोग’ अपनी चालें बदलते रहते हैं और आगे भी ऐसा ही करेंगे – मकसद बस एक ही है: किसी भी कीमत पर भाजपा की जीत और भारत के लोकतंत्र का खात्मा।’
एसआईआर के बाद 2.06 करोड़ से ज्यादा नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोमवार को बताया कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (रकफ) के बाद तैयार की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 2.06 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हैं। यह संख्या महाराष्ट्र के पिछले वोटर बेस का 21.14 प्रतिशत है।
ड्राफ्ट लिस्ट में अब 7.71 करोड़ से ज्यादा मतदाता
राज्य के चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अब 7.71 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं, जो पिछले वोटर बेस का 78.86 प्रतिशत है। इनमें 3.95 करोड़ पुरुष, 3.75 करोड़ महिलाएं और 3,087 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
2,06,88,487 मतदाताओं के फॉर्म नहीं हो पाए जमा-अधिकारियों ने बताया कि कुल 2,06,88,487 लोगों को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है। इनके एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं हो पाए। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जो अपने पते पर नहीं मिले, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिन्होंने अपना घर बदल लिया है।
राहुल ने महाराष्ट्र, बंगाल और 2024 के चुनावों का किया जिक्र-इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘महाराष्ट्र 2024 — अचानक, लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच 39 लाख नए वोटर्स जोड़े गए। मैंने तब भी कहा था और आज भी कह रहा हूं: यह वोट चोरी थी।’ उन्होंने आगे कहा, ‘बंगाल 2026 — रकफ में जिन लोगों के नाम हटाए गए थे, उनमें से 91% को अपील के बाद वापस जोड़ना पड़ा। इसका मतलब है कि हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से हटाए गए थे और चुनाव के बाद ही उन्हें वापस जोड़ा गया। मैंने तब भी कहा था और आज भी कह रहा हूं: यह वोटों की चोरी थी।’
‘महाराष्ट्र में हर पांचवां वोटर लिस्ट से बाहर’-राहुल गांधी ने महाराष्ट्र की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए कहा, ‘और अब महाराष्ट्र में, ड्राफ्ट लिस्ट से 2.07 करोड़ वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं – यानी हर पांचवां वोटर लिस्ट से बाहर है।’
राहुल ने पूछा- कौन सी वोटर लिस्ट सही थी?
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘लोकसभा 2024: 9.29 करोड़; विधानसभा 2024: 9.7 करोड़; रकफ 2026: 7.78 करोड़। कौन सी लिस्ट सही थी?’ जो सरकार वोटों की चोरी पर बनी हो, उसके लिए जनता अहम नहीं होती – इसीलिए यह बीजेपर न तो जनता की बात सुनती है और न ही उनके आदेश का पालन करती है।’
एसआईआर से पहले महाराष्ट्र में थे 9.78 करोड़ वोटर-एसआईआरशुरू होने से पहले महाराष्ट्र में कुल 9.78 करोड़ मतदाता थे। इनमें से 78.86 प्रतिशत मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर रोल में शामिल हो पाए हैं।
पुणे में सबसे ज्यादा फॉर्म जमा नहीं हो पाए-अधिकारियों के अनुसार, पुणे में सबसे ज्यादा 28.6 लाख एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं हो पाए। इसके बाद ठाणे में 28.5 लाख, मुंबई उपनगर में 26.5 लाख, नागपुर में 14.43 लाख, नासिक में 10.27 लाख और मुंबई शहर में 9.5 लाख फॉर्म जमा नहीं हो सके।



