पर्युषण पर्व पर आत्मसंयम और तपस्या का संदेश
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। श्री श्वेतांबर जैन स्थानक मंदिर में चातुर्मास के दौरान पर्युषण पर्व के सातवें दिन संघ संचालक नरेश मुनि गुरुदेव ने श्रद्धालुओं को ज्ञान की अमृतवर्षा करते हुए आत्मसंयम, तपस्या और धर्म के मार्ग पर निरंतर चलने का संदेश दिया।
नरेश मुनि ने कहा कि पर्युषण पर्व के सातवें दिन आगम वाचना चल रही है और श्रद्धालु तपस्या में लीन हैं। मंदिर में 24 घंटे का पाठ भी निरंतर चल रहा है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति दूसरों की आग बुझाने की चिंता करता है, लेकिन अपने भीतर लगी क्रोध, द्वेष और हिंसा की आग को बुझाने का प्रयास नहीं करता। आवश्यकता है कि इसी आंतरिक आग को तपस्या की अग्नि में परिवर्तित किया जाए। तपस्या की अग्नि ही जीवन को पावन बनाती है।
उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने निरंतर साधना और अपने पथ पर चलते रहने का संदेश दिया है। कोई कितना भी भ्रमित करे, हमें उसकी परवाह किए बिना गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। धर्म मजबूत होगा तो समाज और व्यक्ति भी मजबूत होंगे।
नरेश मुनि ने श्रद्धालुओं से हृदय में तप और धर्म की ज्योति जलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में दुख आने पर व्यक्ति को विचलित नहीं होना चाहिए। धर्म के साथ जीवन व्यतीत करने से निराशा से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि परेशान होकर कभी आत्महत्या का विचार नहीं करना चाहिए। आत्महत्या घोर पाप है और इससे किसी समस्या का समाधान नहीं होता। उन्होंने श्रद्धालुओं से धार्मिक साधना और जाप को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।