हजारीबाग
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सख्त निर्देश
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर अन्य ध्वनि पर पूर्ण प्रतिबंध।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
हज़ारीबाग ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण एवं Noise Pollution (Regulation & Control) Rules-2000 के अनुपालन को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी,सदर के द्वारा सदर अनुमंडल क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों एवं ओपी प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। जारी निर्देश में कहा गया है कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार पर्व, धार्मिक एवं अन्य आयोजनों के दौरान निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए देर रात तक तेज आवाज में लाउडस्पीकर एवं डीजे का उपयोग किया जाता है,जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी रेगुलेशन एंड वॉयस कंट्रोल एक्ट का भी उल्लंघन है। इससे आमजनों को परेशानी होने के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है तथा अस्पताल, शिक्षण संस्थानों, न्यायालय एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों के कार्यों में व्यवधान उत्पन्न होता है। अत्यधिक ध्वनि का मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। निर्देश के अनुसार Noise Pollution (Regulation & Control) Rules-2000 के तहत रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे तक लाउडस्पीकर, डीजे एवं अन्य ध्वनि उत्पन्न करने वाले उपकरणों के उपयोग पर विशेष परिस्थितियों को छोड़कर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी थाना प्रभारियों एवं ओपी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सतत निगरानी रखते हुए नियमों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित मानक स्तर के अनुरूप ही किए जाने पर बल दिया गया है।
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित मानक स्तर का उल्लंघन करने वाले संचालकों एवं आयोजकों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकतानुसार प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। साथ ही, नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर साउंड सिस्टम, डीजे अथवा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्र को तत्काल बंद कराने, हटाने एवं जब्त करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों एवं संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में आदेश के अनुपालन की नियमित निगरानी करने तथा की गई कार्रवाई से संबंधित अनुपालन प्रतिवेदन प्रत्येक माह के अंतिम सप्ताह में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी/पुलिस उपाधीक्षक के माध्यम से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
जिला प्रशासन ने आमजनों, आयोजकों एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालकों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों एवं ध्वनि मानकों का पालन करें तथा सार्वजनिक शांति, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण की दृष्टि से अनावश्यक तेज आवाज में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग न करें।



