मथुरा

वृद्धा की हत्या के आरोप में महिला को आजीवन कारावास

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा।  न्यायाधीश विकास कुमार की अदालत ने हत्या के मामले में महिला को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सह आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तरकर ने बताया अशोक वर्मा निवासी डिफेंस कालोनी भामतीपुरा रोड धौलपुर ने वर्ष 2014 में थाना गोविंदनगर में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि उनकी सास सावित्री देवी गली पातीराम, गोविंदनगर की रहने वाली थीं। आर्यसमाज स्कूल से शिक्षिका पद से सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी बेटी सुमन के पास धौलपुर में रहती थीं। कभी-कभी वह मथुरा स्थित अपने निजी मकान पर भी आती-जाती रहती थीं। चामुंडा कालोनी में एक मकान अदित्य वर्मा और सावित्री देवी के नाम है। उस मकान में आदित्य की दूसरी पत्नी सीता रहती है। आरोप था कि आदित्य का करीब सात वर्ष से विवाद चल रहा था। सावित्री देवी पांच दिसंबर 2014 को धौलपुर से अपने गली पाती राम के मकान में आई थीं। उनकी नातिनी आध्या को छह दिसंबर को एक शादी समारोह में आना था। सावित्री देवी ने कहा था कि वह उसके मकान में रुक जाएगी। सात दिसंबर को आध्या सुबह साढ़े सात बजे आईं तो सावित्री देवी कुर्सी पर खून से लथपथ पड़ी थीं। घर के अंदर सामान बिखरा पड़ा था। अंदर कमरे में रखे बक्सों को खोल कर अच्छी तरह तलाशी की गई थी। इस मामले विनय और सीता वर्मा के खिलाफ प्रार्थनापत्र दिया था। वृद्धा की हत्या के पीछे सीता देवी द्वारा मकान को हड़पना बताया गया था।पुलिस ने मामले की साक्ष्य संकलन आदि के माध्यम से विवेचना कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास कुमार के न्यायालय में हुई। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि गुरुवार को जनपद न्यायाधीश विकास कुमार की अदालत ने सबूतों के आधार पर सीता वर्मा को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं विनय को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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