
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेरठ। एमआईईटी में रिसर्च एक्सीलेंस अवॉर्ड-2026 समारोह का आयोजन किया गया। शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले संस्थान के 48 फैकल्टी सदस्यों को सम्मानित किया गया। समारोह का आयोजन डीन रिसर्च डॉ. हुसैन मेहंदी की देखरेख में हुआ।
समारोह में संस्थान के पिछले पांच वर्षों के शोध प्रदर्शन के आंकड़े प्रस्तुत किए गए। एससीआई/स्कोपस इंडेक्स्ड शोध प्रकाशनों की संख्या वर्ष 2022 में 146 थी, जो 2023 में 149, 2024 में 180 और 2025 में 253 तक पहुंची। वर्ष 2026 में अब तक 192 शोध पत्र दर्ज किए गए। पेटेंट के क्षेत्र में भी संस्थान ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2022 में 45 पेटेंट के मुकाबले 2025 में यह संख्या बढ़कर 112 हो गई। विद्यार्थियों के शोध प्रकाशनों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई और 2026 में यह संख्या 181 तक पहुंच गई।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में फार्मेसी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर फाल्गुनी गोयल ने 29 एससीआई/स्कोपस इंडेक्स्ड शोध पत्र प्रकाशित कर विभाग में सर्वाधिक योगदान दिया। वहीं इंजीनियरिंग क्षेत्र में एसोसिएट प्रोफेसर एवं डीन रिसर्च डॉ. हुसैन मेहंदी ने 17 शोध पत्रों के साथ सर्वाधिक योगदान किया।
एमआईईटी के चेयरमैन विष्णु शरण और वाइस चेयरमैन गौरव अग्रवाल ने गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशनों को संस्थान की अकादमिक पहचान मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने फैकल्टी सदस्यों को उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्य और प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में अधिक से अधिक शोध प्रकाशन के लिए प्रोत्साहित किया।
कैंपस डायरेक्टर प्रो. डॉ. एस.के. सिंह ने फैकल्टी एवं विद्यार्थियों के शोध प्रकाशनों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शोध संस्कृति को निरंतर मजबूत करने पर जोर दिया।
रिसर्च एक्सीलेंस अवॉर्ड के लिए फैकल्टी सदस्यों का चयन रिसर्च पॉइंट्स पर आधारित पारदर्शी मानदंडों के अनुसार किया गया। प्रत्येक विभाग से शीर्ष दो फैकल्टी सदस्य अथवा कुल फैकल्टी संख्या के 10 प्रतिशत, जो भी अधिक हो, को चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया। इसके अतिरिक्त 100 से अधिक रिसर्च पॉइंट्स प्राप्त करने वाले सभी फैकल्टी सदस्यों को भी पुरस्कार के लिए पात्र माना गया।



