गाजियाबाद
लोनी में दिल्ली सहारनपुर मार्ग पर बेलगाम ऑटो पैदल यात्री परेशान
तेज हॉर्न और तेज आवाज वाले डैक से बढ़ी परेशानी, बीच सड़क सवारी बैठाने से लगता है जाम

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : दिल्ली-सहारनपुर मार्ग पर जर्जर सड़क और निर्माण कार्य के बीच बेतरतीब तरीके से दौड़ रहे ऑटो पैदल चलने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। लोगों का आरोप है कि कई ऑटो चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए बीच सड़क पर अचानक ब्रेक लगाकर सवारियां बैठाते और उतारते हैं। जिस कारण मार्ग पर जाम की स्थिति बन जाती है। वहीं, कई ऑटो में तेज आवाज वाले हॉर्न और मॉडिफाइड साउंड सिस्टम लगे होने की शिकायत भी सामने आई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह से देर रात तक इस मार्ग पर बड़ी संख्या में ऑटो चलते हैं। अधिक सवारियां बैठाने की होड़ में चालक कई बार आड़े-तिरछे तरीके से वाहन खड़ा कर देते हैं। सड़क पर जगह कम होने और जगह-जगह गड्ढे होने के कारण स्थिति और खराब हो जाती है। इससे दूसरे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
तेज आवाज वाले हॉर्न से भी है स्थानीय नागरिक परेशानी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुछ ऑटो में मानकों के विपरीत तेज आवाज वाले प्रेशर हॉर्न और डैक लगाए गए हैं। सड़क पर इनके इस्तेमाल से आसपास के लोगों को परेशानी होती है। बुजुर्गों और राहगीरों ने ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने का आरोप
लोगों का आरोप है कि कई ऑटो चालक निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर चलते हैं। इसके अलावा कुछ ऑटो नाबालिग चालकों द्वारा चलाए जाने की शिकायत भी स्थानीय लोगों ने की है। उनका कहना है कि यदि बिना लाइसेंस वाहन चलाने की शिकायत सही है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
अवैध स्टैंड से जाम का आरोप
दिल्ली-सहारनपुर मार्ग पर जगह-जगह ऑटो खड़े होने से यातायात प्रभावित होने की शिकायत भी सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक लोनी तिराहा,2 नंबर बस स्टैंड, इंद्रापुरी, लोनी बोर्डर आदि स्थानों पर ऑटो चालक सड़क किनारे या सड़क के बीच ही सवारियां भरते हैं। इससे पीछे चल रहे वाहनों की रफ्तार थम जाती है और जाम की स्थिति बनती है।
कार्रवाई नहीं होने पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग पर पुलिस पिकेट और चौकियां होने के बावजूद यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देती। उनका आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में भी कुछ चालक सड़क पर वाहन रोककर सवारियां बैठाते हैं।
कुछ स्थानीय दुकानदारों और चालकों ने नाम न छापने की शर्त पर अवैध ऑटो स्टैंड संचालित होने और पुलिस की कथित मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस और परिवहन विभाग से ऐसे मामलों की जांच कराने की मांग की है।
विशेष चेकिंग अभियान की मांग
लोगों ने गाजियाबाद पुलिस और परिवहन विभाग से दिल्ली-सहारनपुर मार्ग पर विशेष चेकिंग अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि तेज आवाज वाले हॉर्न, नियमों के विपरीत मॉडिफिकेशन, क्षमता से अधिक सवारी, बिना लाइसेंस ड्राइविंग और सड़क पर अवैध रूप से वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इससे यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ हादसों का खतरा भी कम किया जा सकेगा।

