पाकुड़

पाकुड़ में बंगाल पुलिस की दस्तक, होटल में ठहरे मालदा के नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों को जबरन ले जाने के आरोप पर गरमाया माहौल

Bengal Police arrive in Pakur; tensions flare over allegations of forcibly taking away newly elected Zila Parishad members from Malda who were staying at a hotel.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।

पाकुड़। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज होती नजर आ रही है। इसी क्रम में मालदा के करीब 26 नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों के पाकुड़ पहुंचकर एक होटल में ठहरने की चर्चा के बीच उस समय माहौल गरमा गया, जब पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम होटल पहुंच गई। बताया जा रहा है कि मालदा पुलिस को एक शिकायत मिली थी कि नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्य मंगली चौधरी को कुछ सदस्य कथित तौर पर जबरन अपने साथ ले गये हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पाकुड़ स्थित होटल तक पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से होटल में पहुंची पश्चिम बंगाल पुलिस ने सदस्यों से पूछताछ और उन्हें अपने साथ ले जाने का प्रयास किया, जिसके बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। होटल में मौजूद जिला परिषद सदस्यों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। सदस्यों का कहना था कि वे अपनी इच्छा से पाकुड़ आये हैं और उन्हें किसी ने जबरन नहीं लाया है। इसी दौरान पुलिस और सदस्यों के बीच तीखी बहस के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मामला बिगड़ता देख स्थानीय पुलिस ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। कुछ देर तक चले हंगामे के बाद स्थिति नियंत्रण में आई। जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम फिलहाल होटल के आसपास मौजूद रही, जबकि बाद में टीम के वापस लौटने की भी सूचना सामने आई। वही मालदा की नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्य सागरिका सरकार ने आरोप लगाया कि पुलिस सदस्यों पर अपने साथ चलने के लिए दबाव बना रही थी। उनका कहना है कि आगामी 6 अक्टूबर को जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होना है और इसी वजह से सदस्यों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। सागरिका सरकार के मुताबिक, कांग्रेस और टीएमसी के कुछ जिला परिषद सदस्य पाकुड़ घूमने आये हैं और होटल में ठहरे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने झूठे आरोप के आधार पर सदस्यों को अपने साथ ले जाने का दबाव बनाया। उन्होंने महिला सदस्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों पर पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मिली जानकारी के अनुसार, नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्य मंगली चौधरी के पति ने मालदा पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी पत्नी को कुछ जिला परिषद सदस्य अपने साथ ले गये हैं। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मोबाइल लोकेशन के आधार पर सदस्यों की तलाश शुरू की। लोकेशन पाकुड़ के एक होटल की मिलने के बाद मालदा पुलिस की टीम वहां पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से होटल में कार्रवाई के दौरान ही जिला परिषद सदस्यों और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई। मालदा जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर यह पूरा घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मालदा में कुल 43 जिला परिषद सदस्य निर्वाचित हुए हैं। सदस्यों के राजनीतिक दलों के संबंध में अलग-अलग दावे सामने आये हैं। पाकुड़ पहुंचे सदस्यों में कांग्रेस और टीएमसी से जुड़े सदस्यों के शामिल होने की बात कही जा रही है। इन सदस्यों का दावा है कि उनके साथ अन्य सदस्य भी हैं और चुनाव के दिन सभी एक स्थान पर एकत्र होंगे। इस बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है कि मालदा के करीब 26 जिला परिषद सदस्य अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर पाकुड़ में ठहरे हुए हैं। हालांकि, इस संबंध में संबंधित पक्षों की ओर से अभी तक कोई ऐसी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, जिससे इन चर्चाओं की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके। पश्चिम बंगाल पुलिस के पाकुड़ पहुंचने और होटल में कार्रवाई की खबर के बाद स्थानीय स्तर पर भी राजनीतिक हलचल बढ़ गई। पाकुड़ कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। होटल के बाहर और आसपास काफी देर तक गतिविधियां बनी रहीं। फिलहाल मामला शांत है, लेकिन 6 अक्टूबर को होने वाले मालदा जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले पाकुड़ का यह घटनाक्रम राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव से पहले जिला परिषद सदस्यों की स्थिति और उनकी राजनीतिक रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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