मथुरा
बरसाना में ब्रज के विरक्त संत पद्मश्री रमेश बाबा का निधन
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। ब्रज के विरक्त संत पद्मश्री रमेश बाबा का निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे और काफी समय से बीमार थे। उन्होंने बरसाना के मान मंदिर में अंतिम सांस ली। रमेश बाबा ने अपना पूरा जीवन गो और पर्यावरण सेवा में लगाया। रमेश बाबा का जन्म 1938 में प्रयागराज में हुआ था। 1954 में वह 16 वर्ष की आयु में बरसाना आ गए। यहां वह राधारानी मंदिर में मृदंग बजाते थे। इस दौरान उन्होंने बरसाने में ही ब्रह्मांचल पर्वत पर मान मंदिर आश्रम बनाया और ठाकुर मान बिहारी की सेवा की। रमेश बाबा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए गहवरवन में काटे जा रहे पेड़ों के विरोध में अभियान चलाया। उन्होंने यहां बरसाना से लेकर राजस्थान के पहाड़ों पर हो रहे अवैध खनन के विरुद्ध आंदोलन किया। उनकी पहल ही थी कि वर्ष 2008 में सुप्रीम कोर्ट ने ब्रज की पहाड़ियों पर खनन बंद करने का आदेश दिया। वर्ष 2007 में रमेश बाबा ने दो गोवंशी के साथ माताजी गोशाला का संचालन किया। आज माताजी गोशाला एशिया की सबसे बड़ी गोशाला बन गई और 65 हजार गायों का यहां संरक्षण हो रहा है। तीर्थराज प्रयाग में बाबा का जन्म हुआ था। विख्यात ज्योतिषाचार्य बलदेव प्रसाद शुक्ल इनके पिता थे। इनकी माता का नाम हेमेश्वरी देवी थी। इस दंपती ने पुत्र प्राप्ति की इच्छा से रामेश्वरम में पुत्र कामेष्टि यज्ञ किया था। शिव कृपा से सन 1938 में पौष मास कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मध्याह्न 12 बजे बाबा का जन्म हुआ। इनके ज्योतिषाचार्य पिता ने इनका ललाट देखते ही घोषणा कर दी थी कि यह बालक गृहस्थ ग्रहण न कर ब्रह्मचारी ही रहेगा।



