बागपत
बदलते मौसम में हड्डियों को मजबूत और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए खानपान पर दें विशेष ध्यान: डॉ. शेखर तोमर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत/बागपत : मौसम में बदलाव के साथ सेहत का रखें ख्याल, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद से शरीर को बनाएं मजबूत मौसम अब धीरे-धीरे गर्मी से सर्दी की ओर बढ़ रहा है। बदलते मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव, सुबह-शाम की ठंडक और दिन में गर्मी के कारण लोगों को अपनी सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इस दौरान खानपान और दिनचर्या में थोड़े-से बदलाव करके न केवल शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है, बल्कि हड्डियों को मजबूत बनाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।
प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. शेखर तोमर के अनुसार, स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त आराम बेहद जरूरी हैं। हड्डियों की मजबूती केवल कैल्शियम पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसके लिए विटामिन डी, प्रोटीन और अन्य आवश्यक पोषक तत्व भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने के लिए पौष्टिक भोजन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है।
हड्डियों की मजबूती के लिए क्या खाएं?
हड्डियां हमारे शरीर को सहारा देने के साथ-साथ चलने-फिरने और दैनिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती बनाए रखना और भी जरूरी हो जाता है। इसके लिए भोजन में कैल्शियम से भरपूर चीजों को शामिल करना चाहिए।
दूध, दही, पनीर, रागी, तिल और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं। इसके साथ दालें, चना, राजमा, सोयाबीन, अंडे और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शरीर की मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद करते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल और साबुत अनाज भी संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
विटामिन डी भी है जरूरी: शरीर में कैल्शियम के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन डी की आवश्यकता होती है। मौसम और परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षित समय पर धूप लेना लाभकारी हो सकता है। यदि शरीर में विटामिन डी की कमी हो तो चिकित्सक की सलाह पर जांच और उचित उपचार कराना चाहिए। बिना सलाह के कैल्शियम या विटामिन डी की अधिक मात्रा वाली गोलियां लेना उचित नहीं है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अपनाएं सही खानपान
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने के लिए किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय विविध और संतुलित आहार लेना चाहिए। आंवला, अमरूद, संतरा, मौसमी, नींबू जैसे फल विटामिन सी प्रदान करते हैं। गाजर, पालक, टमाटर और अन्य रंग-बिरंगी सब्जियों से भी शरीर को जरूरी विटामिन और खनिज मिलते हैं।
दालें, दूध, दही, मेवे और बीज प्रोटीन तथा अन्य पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत हो सकते हैं। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करना, साफ पानी पीना और नियमित अंतराल पर संतुलित भोजन करना भी जरूरी है।
बदलते मौसम में बहुत अधिक तला-भुना भोजन, अत्यधिक मीठे पेय पदार्थ और जरूरत से ज्यादा जंक फूड खाने से बचना चाहिए। केवल काढ़े, घरेलू नुस्खों या किसी एक फल के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने की गारंटी नहीं होती। शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व देना अधिक महत्वपूर्ण है।
सुबह-शाम की ठंडक में रखें विशेष सावधानी
मौसम बदलने के दौरान सुबह और रात में तापमान कम हो सकता है, जबकि दिन में गर्मी बनी रहती है। ऐसे में कपड़ों का चयन मौसम के अनुसार करना चाहिए। सुबह जल्दी निकलने वाले बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव के लिए उपयुक्त कपड़े पहनने चाहिए।
इसके साथ नियमित रूप से हाथ धोना, स्वच्छ भोजन करना और पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। खांसी, बुखार या अन्य संक्रमण के लक्षण होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। लगातार परेशानी रहने पर चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
हड्डियों को मजबूत रखने के लिए व्यायाम भी जरूरी
हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए केवल पौष्टिक भोजन ही पर्याप्त नहीं है। अपनी उम्र और शारीरिक क्षमता के अनुसार नियमित पैदल चलना, हल्का व्यायाम और मांसपेशियों को मजबूत करने वाली गतिविधियां लाभकारी हो सकती हैं। बुजुर्गों को संतुलन सुधारने वाले व्यायाम भी उचित मार्गदर्शन में करने चाहिए, ताकि गिरने और फ्रैक्चर का जोखिम कम किया जा सके।
जिन लोगों को पहले से घुटनों, कमर या जोड़ों में दर्द की समस्या है, उन्हें अपनी स्थिति के अनुसार व्यायाम का चयन करना चाहिए। दर्द को नजरअंदाज करके अत्यधिक मेहनत करना नुकसानदायक हो सकता है।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी रखें ध्यान
बच्चों के विकास के लिए पौष्टिक भोजन, खेलकूद और पर्याप्त नींद जरूरी है। महिलाओं, विशेषकर बढ़ती उम्र में, कैल्शियम और विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा पर ध्यान देना चाहिए। बुजुर्गों को संतुलित आहार के साथ नियमित स्वास्थ्य जांच और गिरने से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए। किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को अपने चिकित्सक की सलाह के अनुसार खानपान और दिनचर्या में बदलाव करना चाहिए।
स्वस्थ जीवनशैली ही बेहतर स्वास्थ्य का आधार
डॉ. शेखर तोमर का संदेश है कि बदलते मौसम को बीमारी का कारण मानकर डरने के बजाय अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करना चाहिए। संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम, स्वच्छता और समय पर चिकित्सकीय सलाह शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
याद रखें, मजबूत हड्डियां और बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी एक दवा या खाद्य पदार्थ से नहीं, बल्कि लंबे समय तक अपनाई गई अच्छी आदतों से बनती हैं। इसलिए मौसम बदलते ही अपने खानपान और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनें तथा परिवार के प्रत्येक सदस्य को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।


