छपरौली के विकास को मिली नई रफ्तार, डॉ. अजय कुमार ने पांच साल में विकास कार्यों की रखी मजबूत नींव
सड़क, शिक्षा, सिंचाई, किसान हित और ग्रामीण विकास को दी प्राथमिकता; छपरौली विधानसभा में कराए गए विकास कार्यों का पांच साल का रिपोर्ट कार्ड बना चर्चा का विषय।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। छपरौली विधानसभा क्षेत्र में विकास की बात हो और डॉ. अजय कुमार के पांच साल के कार्यकाल का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, शिक्षा के विस्तार, सड़कों के निर्माण, किसानों की समस्याओं और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी।
डॉ. अजय कुमार के पांच साल के कार्यकाल में विकास की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को आगे बढ़ाया गया। क्षेत्र में सड़क निर्माण और संपर्क मार्गों के विस्तार के लिए लगभग 9.56 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उल्लेख उनके विकास कार्यों में शामिल है। 47 सड़कों के निर्माण और पुनर्निर्माण से जुड़े प्रयासों ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल
शिक्षा के क्षेत्र में चौधरी चरण सिंह राजकीय महाविद्यालय में नए शैक्षणिक संकायों की स्वीकृति, भवन निर्माण और उच्च शिक्षा की सुविधाओं के विस्तार को प्रमुख उपलब्धियों में गिना जा रहा है। इसके साथ ही युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए गए।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता
छपरौली क्षेत्र की पहचान खेती-किसानी से जुड़ी हुई है। ऐसे में किसानों की समस्याओं, गन्ना भुगतान, सिंचाई व्यवस्था और ग्रामीण संपर्क मार्गों को विकास की प्राथमिकताओं में रखा गया। यमुना नदी के किनारे बसे गांवों को बाढ़ और कटान से राहत दिलाने के लिए 48 करोड़ रुपये की परियोजना का भी रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है।
गांवों की मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति, जलभराव की समस्या, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को लेकर भी योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात सामने आई है। पशुपालन, गोवंश संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे विषय भी विकास के एजेंडे में शामिल रहे।
विकास कार्यों का पांच साल का रिपोर्ट कार्ड
डॉ. अजय कुमार के कार्यकाल से जुड़े इन विकास कार्यों में सड़क, शिक्षा, किसान कल्याण, सिंचाई, ग्रामीण सुविधाएं और युवाओं के भविष्य से जुड़े विषय प्रमुखता से दिखाई देते हैं। इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव उनके पूर्ण होने, बजट के उपयोग और क्षेत्र की जनता को मिले लाभ के आधार पर भी आंका जाएगा।
छपरौली विधानसभा के विकास की यह तस्वीर बताती है कि क्षेत्र की बुनियादी जरूरतों को विकास के केंद्र में रखकर काम करने की दिशा में प्रयास किए गए हैं। पांच साल के कार्यकाल में शुरू हुई और आगे बढ़ाई गई परियोजनाएं आने वाले समय में क्षेत्र के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।


