बागपत
अश्वनी तोमर – “ढाई वर्ष में रिकॉर्ड तोड़ विकास”

स्थान: नगर पालिका परिषद, बड़ौत
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत… जो कभी टूटी सड़कों, जलभराव और अंधेरी गलियों के लिए चर्चा में रहता था, आज विकास और रोशनी की नई पहचान बना रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी तोमर के नेतृत्व में ढाई वर्षों में जो कार्य हुए हैं, उन्हें लेकर शहर में एक नई उम्मीद जगी है।
प्रश्न 1: ढाई वर्ष में “रिकॉर्ड तोड़ कार्य” — आप इसे कैसे देखते हैं?
अश्वनी तोमर:
“मैंने कोई रिकॉर्ड बनाने के लिए काम नहीं किया, मेरा उद्देश्य सिर्फ बड़ौत को बेहतर बनाना था। जब कार्यभार संभाला, तब प्राथमिकता तय की — सड़क, नाली, पानी और प्रकाश।”
“50 से अधिक सड़कों का निर्माण व मरम्मत कराई गई। जलभराव वाले क्षेत्रों में नालों का चौड़ीकरण हुआ। कई मोहल्लों में इंटरलॉकिंग सड़कों का जाल बिछाया गया।”
विशेष उपलब्धि: पूरे शहर में आधुनिक प्रकाश व्यवस्था
ढाई वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रही — पूरे नगर में व्यापक प्रकाश बंदोबस्त।
फिलिप्स कंपनी की आधुनिक LED लाइटें
नगर के मुख्य मार्गों, चौराहों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर Philips कंपनी की उच्च गुणवत्ता वाली स्ट्रीट लाइट और ग्राउंड एम्बेडेड LED लाइटें स्थापित कराई गईं।
क्या है खास?
ऊर्जा दक्ष LED सिस्टम – कम बिजली, अधिक रोशनी
हाई पावर इल्यूमिनेशन – दूर तक स्पष्ट प्रकाश
ग्राउंड लाइटिंग – उद्यानों और सार्वजनिक स्थलों की सुंदरता में वृद्धि
मौसम प्रतिरोधी तकनीक – बारिश और धूल में भी प्रभावी
कम रखरखाव खर्च – दीर्घकालिक समाधान
पहले जहां कई मोहल्लों में अंधेरा असुरक्षा का कारण बनता था, आज वही क्षेत्र रात में जगमगाते हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और व्यापारियों के लिए रात्रि आवागमन सुरक्षित हुआ है। बाजार देर तक खुले रहने लगे हैं।
अश्वनी तोमर कहते हैं —
“रोशनी केवल बिजली नहीं, विकास की पहचान है। मेरा प्रयास था कि बड़ौत की कोई गली अंधेरे में न रहे।”
प्रश्न 2: सबसे कठिन पल कौन सा रहा?
“बजट सीमित था, अपेक्षाएं असीमित। हर क्षेत्र चाहता था कि काम पहले वहीं हो। उस समय निष्पक्ष निर्णय लेना चुनौतीपूर्ण था। लेकिन मैंने तय किया — राजनीति बाद में, जनता पहले।”
प्रश्न 3: आलोचनाओं को कैसे संभाला?
“आलोचना से घबराया नहीं। जवाब सोशल मीडिया पर नहीं, जमीन पर काम से दिया। आज परिणाम सामने हैं।”
प्रश्न 4: बड़ौत के लिए आपका सपना?
हर घर तक स्वच्छ पेयजल
आधुनिक डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली
पार्कों और सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण
स्वच्छ और सुव्यवस्थित नगर
“मैं चाहता हूँ कि युवा गर्व से कहें — हम बड़ौत से हैं।”
— सुरेंद्र मलानिया
बातचीत के दौरान स्पष्ट था कि यह कार्य केवल निर्माण परियोजनाएँ नहीं, बल्कि नगर की सोच बदलने की पहल है।
ढाई वर्षों में सड़कों से लेकर नालों तक और अंधेरी गलियों से लेकर जगमगाते चौराहों तक — परिवर्तन दिखाई देता है।
अब बड़ौत की पहचान केवल दिन की चहल-पहल नहीं…
बल्कि रात की चमकती रोशनी भी है।
विकास की यह यात्रा जारी है।



