नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। तालबेहट के ग्राम बरीखुर्द में एक गरीब व्यक्ति की जमीन को गिरवी रखने के बहाने जालसाजी कर फर्जी तरीके से बैनामा कराने का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर तालबेहट पुलिस ने गांव के ही पांच रसूखदार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पीडि़त प्रकाश वंशकार ने बताया कि उसने कुंआ खोदने के लिए बैंक से 10 हजार रुपये का ऋण लिया था। कर्ज न चुका पाने की स्थिति में गांव के ही हज्जू, हरीराम, कैलाश, गोपीलाल और सुरेश (पुत्रगण किशोरीलाल) ने उससे संपर्क किया। आरोपियों ने उसकी पट्टे वाली आराजी (संख्या 63 व 64, रकबा 1.672 हेक्टेयर) को गिरवी रखकर 34,000 रुपये देने का वादा किया ताकि वह बैंक का कर्ज चुका सके। पीडि़त का आरोप है कि आरोपियों ने उसे केवल 14,000 रुपये दिए और इकरारनामा (गिरवी) के नाम पर छल-कपट से जमीन का रजिस्टर्ड बैनामा अपने पक्ष में करा लिया। पीडि़त को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब उसने 16 दिसंबर 2025 को रजिस्ट्रार कार्यालय में जांच कराई। रिपोर्ट के अनुसार, इस जमीन को बेचने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति भी नहीं ली गई थी, जो कि पट्टे की भूमि होने के कारण अनिवार्य थी। घटना के अनुसार, 7 दिसंबर 2025 को जब पीडि़त अपने खेत पर था, तब पांचों आरोपियों ने वहां आकर गाली-गलौज की और जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। स्थानीय पुलिस और पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर पीडि़त ने न्यायालय की शरण ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस की धाराओं 352, 131, 351(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक बलराम शर्मा को सौंपी गई है।