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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे में चार देशों से की बात

फ्रांस और मलयेशिया के प्रमुखों से चर्चा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार से गुरुवार के बीच दुनिया के चार राष्ट्राध्यक्षों से बात की। बुधवार को कुवैत के क्राउन प्रिंस से तो गुरुवार को ओमान के सुल्तान, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, और मलेशिया के पीएम से पश्चिम एशिया संकट की गंभीर स्थिति पर चर्चा की। पीएम मोदी ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक कूटनीतिक पहल तेज करदी है। इसके तहत उन्होंने फ्रांस, मलयेशिया और ओमान के शीर्ष नेताओं से बातचीत की। इन चचार्ओं में क्षेत्रीय संकट, शांति बहाली और संवाद के जरिए तनाव कम करने पर जोर दिया गया। वहीं, इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कुवैत के क्राउन प्रिंस, शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दी थी। साथ ही कुवैत में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई के लिए लगातार समर्थन के लिए धन्यवाद भी किया था।
मैक्रों से पीएम मोदी की बात-प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और तनाव कम करने (डी-एस्केलेशन) के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत पर बल दिया। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है। साथ ही, उन्होंने भविष्य में भी करीबी समन्वय जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मलयेशिया पीएम से की बात-इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से भी फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने हरि राया ऐदिलफित्री के अवसर पर मलयेशिया की जनता को अग्रिम शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की चिंताजनक स्थिति पर चर्चा करते हुए तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाली के लिए साझा प्रतिबद्धता जताई।
ओमान के सुल्तान से भी की चर्चा-ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें भाई कहकर संबोधित करते हुए ओमान की जनता को ईद की अग्रिम बधाई दी। इस वार्ता में भी दोनों नेताओं ने संवाद और कूटनीति के जरिए तनाव कम करने और शांति बहाल करने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
पीएम मोदी ने हमले की निंदा की-प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की कड़ी निंदा दोहराई और संकट के दौरान हजारों लोगों, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, की सुरक्षित वापसी में ओमान की भूमिका की सराहना की। इसके साथ ही दोनों देशों ने होरमुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवागमन के महत्व को भी रेखांकित किया। इन वातार्ओं के जरिए भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और कूटनीतिक समाधान का प्रबल समर्थक है।
Ñकुवैत के क्राउन प्रिंस को भी मिलाया फोन-बुधवार को पीएम मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस, शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से बात की थी। पीएम मोदी ने चर्चा की जानकरी देते हुए एक्स पर लिखा था कि हमने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया और हाल के घटनाक्रमों पर अपनी चिंता व्यक्त की। कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमलों की हम पहले भी निंदा कर चुके हैं और हमने फिर वही किया।पीएम मोदी ने पोस्ट में आगे लिखा कि हॉर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि हम इस बात पर सहमत हुए कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए निरंतर कूटनीतिक जुड़ाव अत्यंत आवश्यक है। कुवैत में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई के लिए लगातार समर्थन देने हेतु मैंने उनका आभार व्यक्त किया।

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