नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी के विकास कुंज ए ब्लॉक में आयोजित परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और समसामयिक मुद्दों की भी गूंज सुनाई दी। बड़ी संख्या में पहुची महिलाओं और पुरुषों की उपस्थिति ने आयोजन को खास बना दिया। पंडाल में उमड़ी भीड़ को देखकर आयोजकों में खासा उत्साह नजर आया, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के तहत तैनात अधिकांश पुलिसकर्मी पंडाल के बाहर मुस्तैद दिखाई दिए।
कार्यक्रम में स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने ब्राह्मण समाज की एकजुटता पर जोर देते हुए वर्तमान समय को चुनौतीपूर्ण बताया और परशुराम जयंती को समाज को संगठित करने का माध्यम बताया। उन्होंने यूजीसी (UGC) से जुड़े मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यह आंदोलन समय के साथ कमजोर कर दिया गया और इसे और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कुछ मामलों में ब्राह्मण समाज को निशाना बनाए जाने का आरोप भी लगाया, ।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक अमर पाल शर्मा ने कहा कि परशुराम जयंती हमें अपने गौरवशाली इतिहास और संस्कृति की याद दिलाती है और समाज को एकजुट रहने की प्रेरणा देती है। मांट (मथुरा) के विधायक श्याम सुंदर शर्मा ने शिक्षा और संस्कारों को समाज की मजबूती का आधार बताया। महामंडलेश्वर जल वाले गुरु ने भगवान परशुराम के जीवन से धर्म और न्याय की सीख लेने की बात कही, जबकि गोल्डन माता ने सामाजिक समरसता और महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। नरेश शर्मा (खेकड़ा) ने ऐसे आयोजनों को समाज को जोड़ने वाला बताया। प्रवीण शर्मा योगी पूरणपुर नवादा ने भी परशुराम जन्मोत्सव पर एकजुट रहने व राजनीति के सहारे ब्राह्मणो का अपमान करने वाले कुछ राजनीतिक लोगों को भविष्य में सबक सिखाने का आहवान किया उन्होंने कहा कि अपने पूर्वजों कि परम्परा को बनाए रखने के लिए हमें गलत नीतियों और कानूनो का विरोध करना होगा।
इस अवसर पर सतेन्द्र शर्मा खरखड़ी, किसान नेता सचिन शर्मा, बब्लू शर्मा (पूर्व सभासद), राजीव शर्मा (पूर्व सभासद), टीटू भाटी (सभासद), प्रमोद तोमर (सभासद), रामनिवास त्रिपाठी (सभासद), रामभूल शर्मा, संजय शर्मा, जे.पी. शर्मा, कैलाश शर्मा, पंकज शर्मा, हिमांशु शर्मा (युवा अध्यक्ष भाजपा), राजू शर्मा, विनोद पंडित, अनिल शर्मा टिल्ला सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता केशव राम ने की, जबकि संचालन सत्ते पंडित (पूर्व सभासद) ने किया। आयोजन को सफल बनाने में आयोजक मंडल और स्थानीय कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही, जिनके प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ।
धार्मिक आयोजन के इस मंच पर जहां एक ओर आस्था और परंपरा का संदेश दिया गया, वहीं सामाजिक एकजुटता, यूजीसी मुद्दा और समसामयिक विषयों पर हुई चर्चा ने इसे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया।



