
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। पुलिस ने इंटेलिजेंस व एसओजी की संयुक्त सूचना पर फर्जी आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले एक संगठित गैंग का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक युवक और एक अपचारी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लैपटॉप, स्कैनर, फिंगरप्रिंट डिवाइस, प्रिंटर, मोबाइल फोन, आईडी और अधूरे बने दस्तावेज बरामद किए हैं।
गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र के ग्राम लाड़पुर मुड़िया रोड स्थित एक ट्यूबवेल के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी शाहिद, निवासी मोहल्ला ऊंचा कस्बा फरीदपुर, ने बताया कि वह पहले इंडियन ओवरसीज बैंक के लोकवाणी केंद्र में काम करता था, लेकिन गलत गतिविधियों के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद उसका संपर्क कोलकाता निवासी शमीम अख्तर से हुआ, जिसने उसे ऑनलाइन आईडी उपलब्ध कराई।आरोपी ने बताया कि वह व्हाट्सएप के जरिए फिंगरप्रिंट मंगवाकर रबर फिंगरप्रिंट तैयार कराता था और उसी के माध्यम से अन्य लोगों की आईडी खोलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। इस कार्य में धोरेरा गजरौला निवासी नवीन की भी भूमिका सामने आई है। अपचारी ने भी लालच में आकर इस काम में शामिल होने की बात कबूल की है।पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार युवक और अपचारी को जेल भेज दिया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।


