हापुड़

गंगा एक्सप्रेस वे का उद्घाटन…

हापुड़ से प्रयागराज अब महज 560 km होगी....

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो

हापुड़ (यूपी) – गंगा एक्सप्रेस वे का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुभारंभ कर रहे हैं । हापुड़ से भी होते हुए गुजरेगा गंगा एक्सप्रेसवे। हापुड़ के 29 गांवों को गंगा एक्सप्रेस वे से जोड़ा गया। हापुड़ जनपद का 33 km का भाग  गंगा एक्सप्रेस वे से जुड़ा हुआ है । मेरठ के प्रवेश द्वार के बाद हापुड पहला जिला है। हापुड़ में गंगा एक्सप्रेस वे उद्घाटन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा हैं। प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मौजूद।

गंगा एक्सप्रेस वे गंगा नगरी हापुड को गंगा नगरी प्रयागराज से आपस में जोड़ता है, जो मेरठ के बिजौली से प्रारंभ होता है । मेरठ के बाद हापुड के सिंभावली में इस एक्सप्रेस वे का पहला प्रवेश और निकास द्वार ( ENTRY – EXIT POINT ) पड़ता है । इसकी कुल दूरी 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पश्चिम से पूर्व तक 12 प्रमुख जिलों जिसमें दूसरा जिला हापुड़ से होकर गुजरता है । हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में शंकराटीला गांव के पास बहती गंगा नदी का पहली बार विहंगम दृश्य देखने को मिलता है । यहां गंगा नदी पर लगभग 900 मीटर लम्बा पुल बना है जो हापुड के बाद तीसरे जिले अमरोहा से होकर जाएगा और इसके बाद यह अन्य जिलों से गुजरते हुए प्रयागराज के जुदापुर दांदू गाँव पर समाप्त होता  है ।

गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) 594 किलोमीटर लंबा, 6-लेन (8-लेन तक विस्तार योग्य) ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है जो मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है। यह पश्चिमी और पूर्वी यूपी को जोड़ते हुए 12 जिलों के 519 गांवों से गुजरता है जिससे सफर का समय 11 घंटे से घटकर मात्र 6-7 घंटे रह गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बड़ी सौगात के रूप में गंगा एक्सप्रेसवे अब उपयोग के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन आज 29 अप्रैल को होने से यातायात के नए युग की शुरुआत हो गई है । यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी को सीधे पूर्वांचल से जोड़ेगा, जिससे सफर तेज, सुरक्षित और सुगम होगा। अब तक राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर लगने वाले जाम और लंबी दूरी की परेशानी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

हापुड़ जिला प्रशासन की ओर से उद्घाटन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर जर्मन हैंगर टेंट, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। गर्मी को देखते हुए विशेष इंतजाम भी किए गए हैं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। सुरक्षा के लिहाज से भी व्यापक व्यवस्था की गई है। एक्सप्रेसवे के आसपास पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी और डायल 112 के साथ अतिरिक्त गाड़ियों की तैनाती का प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही प्रमुख स्थानों पर पुलिस चौकियां स्थापित करने की तैयारी है, जिससे निगरानी और सुरक्षा मजबूत हो सके।

गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने से सावन में होने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान डायवर्जन की समस्या से भी राहत मिलेगी। खासतौर पर सिम्भावली और मेरठ की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात सुगम होगा। इस परियोजना से न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों में इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

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