
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। थाना तालबेहट पुलिस ने एलयूसीसी नामक चिटफंड कंपनी बनाकर लोगों से करोड़ों रुपये निवेश कराने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी करने वाले एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ ललितपुर समेत कई थानों में पहले से धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक के निर्देशन, एएसपी कालू सिंह एवं सीओ तालबेहट आशीष मिश्र के निकट पर्यवेक्षण में थाना तालबेहट पुलिस ने मु.अ.सं. 06/2026 में कार्रवाई करते हुए आरोपी जिला जालौन के कोतवाली क्षेत्रांतर्गत चौधरयाना निवासी जितेन्द्र सिंह निरंजन पुत्र रतन सिंह निरंजन को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ धारा 111, 318(4), 61(2), 338, 352, 351(3), 336(3), 340(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एलयूसीसी नाम की चिटफंड कंपनी के जरिए लोगों को धन दोगुना होने का लालच देकर निवेश कराया गया। बाद में रकम वापस मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष टीम गठित कर सर्विलांस और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 2016 में वह कंपनी से जुड़ा और बाद में चेयरमैन बना। कंपनी के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर महंगे होटलों में सेमिनार आयोजित किए जाते थे, लोगों को विदेश यात्रा और रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाकर निवेश कराया जाता था। निवेशकों को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी एफडी और आरडी के दस्तावेज दिए जाते थे। आरोपी ने स्वीकार किया कि इस नेटवर्क के जरिए ललितपुर, झांसी, जालौन, टीकमगढ़, सागर, अशोकनगर, विदिशा सहित कई जिलों और राज्यों में करोड़ों रुपये का निवेश कराया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी जितेन्द्र सिंह निरंजन के खिलाफ ललितपुर जनपद के कोतवाली, महरौनी और नाराहट थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट समेत 9 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक मनोज मिश्रा, उपनिरीक्षक बलराम शर्मा, उपनिरीक्षक रमेश सिंह, हेड कांस्टेबल उमाशंकर तिवारी और कांस्टेबल सोनू विश्वकर्मा की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।



