
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं और कांग्रेस को संगठनात्मक स्तर पर लगातार मजबूती मिल रही है। पाढर में आयोजित एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक के दौरान ऐसा ही एक बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया, जब युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष कमलेश यादव के नेतृत्व में 30 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस सामूहिक सदस्यता से क्षेत्रीय राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।
इस बैठक में कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा और प्रदेश उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे की विशेष उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने मंच से संबोधित करते हुए संगठन की मजबूती पर जोर दिया और नए शामिल हुए कार्यकर्ताओं का कांग्रेस परिवार में स्वागत किया। उन्होंने कमलेश यादव के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि युवा नेतृत्व के सक्रिय प्रयासों से ही पार्टी को जमीनी स्तर पर नई ऊर्जा मिल रही है।
पाढर की इस बैठक को घोड़ाडोंगरी की राजनीति में एक अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। जिस तरह से भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। लगातार हो रही सदस्यता से कांग्रेस का जनाधार मजबूत हो रहा है और संगठनात्मक ढांचा भी पहले से अधिक सक्रिय दिखाई दे रहा है।
युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष कमलेश यादव का नाम इन दिनों क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। उनके नेतृत्व में चल रहे सदस्यता अभियान ने कांग्रेस को नई गति दी है और युवाओं के साथ-साथ अन्य वर्गों को भी पार्टी से जोड़ने में सफलता मिल रही है। स्थानीय स्तर पर उनकी सक्रियता और जनसंपर्क के कारण बड़ी संख्या में लोग कांग्रेस की विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हो रहे हैं।
बैठक के दौरान कमलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस की नीतियां हमेशा से जनहित और आम जनता के मुद्दों पर केंद्रित रही हैं, यही कारण है कि लोग पार्टी पर भरोसा जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए इसी तरह सदस्यता अभियान जारी रहेगा और हर स्तर पर कांग्रेस को सशक्त किया जाएगा।
कुल मिलाकर, पाढर में हुई यह संगठनात्मक बैठक कांग्रेस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। जिस तरह से भाजपा कार्यकर्ताओं का रुझान कांग्रेस की ओर बढ़ रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि घोड़ाडोंगरी में आने वाले समय में सियासी मुकाबला और भी रोचक हो सकता है।


