शामली
खोखरी नदी की खुदाई की रफ्तार धीमी पड़ने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। वर्षों से अवैध कब्जे में दबी खोखरी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए चल रहा खुदाई अभियान मंगलवार को धीमा पड़ता नजर आया। एक सप्ताह से सात जेसीबी और दो पोकलेन मशीनों से युद्ध स्तर पर चल रहे कार्य में मंगलवार को केवल दो जेसीबी मशीनें ही मौके पर दिखाई दीं। इससे नाराज ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से खुदाई कार्य में तेजी लाने की मांग उठाई।
ग्रामीण इमरान राणा, आबिद, आसिफ, फुरकान, अफजाल, यूनुस, ईसूफ, जब्बार, साकिब, जागिर आदि का कहना है कि वर्षों बाद खोखरी नदी से कब्जा हटाने का कार्य शुरू हुआ है, लेकिन मशीनों की संख्या कम होने से कार्य की गति प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि तेजी से कार्य नहीं हुआ तो बरसात से पहले नदी का स्वरूप बहाल करना मुश्किल हो जाएगा।
बता दें कि खोखरी नदी सहारनपुर जनपद के लखनौती क्षेत्र से निकलकर शामली जिले के चौसाना, लक्ष्मीपुरा, भडी, सकौती, कमालपुर और अजीजपुर होते हुए केरटू के पास यमुना नदी में मिलती है। वर्ष 2024 में नदी पर हुए अवैध कब्जों को लेकर अमित कुमार द्वारा एनजीटी में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद विभिन्न विभागों को कब्जा हटाने और नदी की पैमाइश की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। करीब दो वर्ष बाद अब नदी को पुराने स्वरूप में लाने का कार्य शुरू हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि खोखरी नदी के पुनर्जीवित होने से चौसाना खादर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई और जल निकासी में बड़ा लाभ मिलेगा। बताया गया कि सबसे अधिक कब्जा सकौती गांव में हुआ है, जहां 32 ग्रामीणों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं चौसाना गांव में भी आठ लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं। सकौती गांव के बीचोंबीच से होकर खोखरी नदी गुजरती है।
ग्राम पंचायत सचिव राजीव कुमार ने बताया कि अलग-अलग विभागों के सहयोग से खुदाई कार्य कराया जा रहा है। मंगलवार को पीडब्ल्यूडी विभाग की पांच जेसीबी मशीनें किन्हीं कारणों से मौके पर नहीं पहुंच सकीं। फिलहाल ग्राम पंचायत की दो जेसीबी मशीनों से कार्य जारी है। बुधवार से सभी मशीनों के दोबारा लगने की उम्मीद है।