कैराना
आईजीआरएस शिकायत पर डीएम ने सीधे फरियादी को किया फोन
तहसील निरीक्षण में खुलीं व्यवस्थाओं की परतें

अव्यवस्थाओं, बिखरे अभिलेखों और मूलभूत सुविधाओं की कमी पर जताई नाराजगी, सब रजिस्ट्रार से मांगा स्पष्टीकरण
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कैराना। जिलाधिकारी शामली आलोक यादव ने सोमवार को तहसील कैराना का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण की सूचना मिलते ही तहसील परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। डीएम ने विभिन्न कार्यालयों में अभिलेखों, जन शिकायतों के निस्तारण, साफ-सफाई व्यवस्था और फरियादियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा खामियां मिलने पर सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत लिपिक कक्ष से की गई, जहां डीएम ने अनुमति, वारिस और तहसील दिवस रजिस्टरों का निरीक्षण किया। आईजीआरएस शिकायतों की समीक्षा के दौरान उन्होंने मौके पर ही फरियादी को फोन कर कहा, “हेलो, मैं डीएम शामली बोल रहा हूं… आपकी विद्युत विभाग से संबंधित शिकायत का निस्तारण हुआ या नहीं?” इसके बाद शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता परखी गई। साथ ही फरियादियों के लिए रखे टूटे फर्नीचर बदलवाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान बिना अनुमति डीजे संचालन के मामले की जानकारी ली गई। रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में रेस्टोरेशन फाइलों के रखरखाव और अभिलेख व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। वहीं भू-अभिलेखागार में खेड़ा कुर्तान गांव के तालाब की वर्ष 2018 से 2026 तक किस्त जमा न होने पर नाराजगी जताते हुए संबंधित को नोटिस जारी करने और बकाया वसूली के निर्देश दिए गए।डीएम ने तहसीलदार न्यायालय, कंप्यूटर कक्ष और अन्य कार्यालयों का भी निरीक्षण किया तथा टूटे फर्नीचर बदलने के निर्देश दिए। साथ ही तहसील मार्ग पर अवैध अतिक्रमण हटाने को कहा गया।निरीक्षण के अंतिम चरण में सब रजिस्ट्रार कार्यालय में अभिलेख बिखरे मिले तथा पेयजल और शौचालय व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सब रजिस्ट्रार सुयश भारतीय से स्पष्टीकरण तलब किया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम शिवाजी यादव, तहसीलदार अर्जुन चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

