नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल-तिजारा। नीमली तिजारा में आयोजित संभाग स्तरीय तीन दिवसीय कार्यशाला के तहत जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग द्वारा ग्राम पंचायत हसनपुर माफी, खलीलपुरी एवं चावंडी कला में रात्रि चौपाल तथा ग्रामीण सहभागिता आंकलन (पीआरए) अभ्यास आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों की सहभागिता से जल एवं भू-संरक्षण कार्यों की योजना तैयार करना तथा जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में विभाग के करीब एक दर्जन अभियंताओं एवं यूनिसेफ के विशेषज्ञों ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर जल संरक्षण, जल बहाव एवं भू-संरक्षण कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान गांवों के नजरी नक्शे तैयार कर जल निकायों को चिन्हित किया गया तथा गांवों का भ्रमण कर जल बहाव की वास्तविक स्थिति का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के आधार पर नए जल संरक्षण कार्यों का चयन भी किया गया।
ग्राम भ्रमण के बाद आयोजित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय समस्याओं एवं उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया गया। विभाग के अतिरिक्त निदेशक राजेंद्र प्रसाद ने ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व, वर्षा जल संचयन तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के उपायों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने चौपाल में प्राप्त जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अभियंताओं को आवश्यक निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों एवं अभियंताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि विश्राम कर स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी ली। कार्यशाला में अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह मौथू, छत्रपाल यादव, नवीन वशिष्ठ, भारत भूषण सहित विभिन्न जिलों से आए करीब 40 अभियंताओं ने भाग लिया।

