बागपत

नीमा बड़ौत का 50वां वार्षिक सम्मेलन धूमधाम से संपन्न

आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति पर हुआ मंथन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत। नीमा बड़ौत (NIMA Baraut) के तत्वावधान में संस्था का 50वां वार्षिक सम्मेलन शनिवार 23 मई 2026 को रॉयल स्टेप रिसोर्ट में बड़े ही हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जनपद एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सकों ने भाग लिया। सम्मेलन में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया तथा चिकित्सकों के आपसी समन्वय एवं समाज सेवा में उनकी भूमिका पर विशेष चर्चा हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सीमांतो राय ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. सीमांतो राय ने कहा कि नीमा बड़ौत का 50वां वार्षिक सम्मेलन संगठन की एकता, सेवा भावना एवं चिकित्सकों के समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति आज लोगों के बीच तेजी से विश्वास प्राप्त कर रही है और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियां स्वस्थ समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने सभी चिकित्सकों से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा जनसेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित सभी अतिथियों एवं चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया।
संरक्षक डॉ. अमित खोखर मंच पर विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सूरज कुमार द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया। अपने वक्तव्य में डॉ. सूरज कुमार ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन चिकित्सकों को एक मंच पर लाकर अनुभव साझा करने एवं चिकित्सा क्षेत्र की चुनौतियों पर विचार करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने संगठन की मजबूती एवं आपसी सहयोग बनाए रखने पर बल दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। नीमा बड़ौत के सचिव डॉ. गौरव जैन ने संस्था की वार्षिक सचिवीय रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए वर्षभर की गतिविधियों, चिकित्सा शिविरों, सामाजिक कार्यों एवं संगठनात्मक उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नीमा बड़ौत निरंतर जनसेवा एवं चिकित्सा जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी (DAUO) डॉ. अरविन्द कुमार ने अपने संबोधन में आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की ओर लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने चिकित्सकों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि उनकी मांगों को शासन स्तर तक गंभीरता से पहुंचाया जाएगा।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. आनंद तोमर एवं डॉ. संजय जैन ने बड़ौत क्षेत्र के चिकित्सकों के बीच आपसी भाईचारे एवं समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग और एकजुटता ही समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का आधार है।
वहीं डॉ. पदम जैन एवं डॉ. शशिप्रकाश पांडेय ने नीमा के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद केवल उपचार ही नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का मार्ग भी प्रदान करता है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. अमित खोखर ने अपने संबोधन में सभी चिकित्सकों से एकजुट होकर समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सफल आयोजन के लिए सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बधाई दी।
सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। गजल गायक रविन्द्र कुमार एवं हरिदास सिंह ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में समां बांध दिया। उनकी मधुर गजलों ने उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया और कार्यक्रम में उत्साह एवं आनंद का वातावरण बना दिया। अंत में सभी अतिथियों एवं चिकित्सकों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए संगठन की मजबूती का संकल्प लिया।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button