बेतुल
बैतूल बारिश मैं गिरा गरीब के आशियाने पर पेड़ प्रशासनिक दावों पर उठे सवाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल में जून माह की पहली बारिश ने प्रशासनिक दावों की हकीकत सामने ला दी है। ऐसा प्रतीत होता है कि समस्याओं को सुनने और देखने वाला कोई नहीं है सिर्फ नेता लोग फोटो खिचवाने ओर वाह वाही लूटने मे लगे है सारे वादे गगजो मे सिमित है गरीब मजदूर की कोई सुनने वाला तक बैतूल जिले मे नहीं है शिकायत करें तो किससे करें आज गरीब के घर की झोपडी पर पेड़ गिरा गनीमत कोई जन हानि नहीं हुई
सरकार और जिम्मेदार विभाग विकास के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी साफ दिखाई दे रही है। समय पर मेंटेनेंस नहीं होने के कारण कई स्थानों पर जलभराव और अव्यवस्था की स्थिति बन गई है।
सबसे अधिक परेशानी मजदूर वर्ग और आम नागरिकों को उठानी पड़ रही है, जो अपनी रोजी-रोटी के लिए जोखिम भरे हालात में काम करने को मजबूर हैं। सवाल यह है कि यदि नई व्यवस्थाएं और निर्माण कार्य पहली ही बारिश में अपनी पोल खोल दें, तो जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा?
प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि वे केवल प्रचार और वाहवाही तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी समस्याओं का समाधान करें, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराएं और मजदूरों तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। जनता को दिखावे नहीं, बल्कि मजबूत और टिकाऊ व्यवस्थाओं की आवश्यकता है।


