संभल

तेज अंधड़ में उखड़ी गंगा बैराज पुल की सुरक्षा जालियां बड़ा हादसा टला

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

संभल/बबराला। आए तेज अंधड़ और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। इसी दौरान चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज नरोरा पुल पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तेज हवाओं की चपेट में आकर पुल के पूर्वी हिस्से में लगी करीब 100 मीटर लंबी सुरक्षा जालियां उखड़कर सड़क पर गिर गईं। अचानक जालियां गिरने से पुल पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम के समय अचानक तेज धूल भरी आंधी शुरू हो गई। देखते ही देखते हवाओं की रफ्तार इतनी बढ़ गई कि पुल पर लगी भारी सुरक्षा जालियां अपने स्थान से उखड़कर सड़क पर आ गिरीं। उस समय पुल से कई वाहन गुजर रहे थे, लेकिन गनीमत रही कि कोई वाहन या राहगीर जालियों की चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा के मद्देनजर संभल और बुलंदशहर जिले की सीमा पर बड़े वाहनों का आवागमन तत्काल रोक दिया गया। वहीं छोटे वाहनों को भी पुलिस की निगरानी में धीरे-धीरे निकाला गया। पुल पर तैनात पुलिसकर्मी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते रहे।

बताया जाता है कि गंगा बैराज पुल पर आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से कुछ वर्ष पूर्व पुल की रेलिंग के दोनों ओर ऊंची सुरक्षा जालियां लगाई गई थीं। पिछले वर्षों में पुल से गंगा में कूदकर आत्महत्या करने की कई घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन ने यह सुरक्षा व्यवस्था कराई थी। लेकिन आए तेज अंधड़ ने इन जालियों की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित एजेंसियों की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त हिस्से का आकलन किया। अधिकारियों ने जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है। वहीं पुलिस और प्रशासन द्वारा पुल पर यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हादसा कुछ देर बाद होता, जब पुल पर यातायात का दबाव अधिक रहता है, तो बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता था। फिलहाल प्रशासन ने राहत की सांस ली है कि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

 

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