
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। गोवर्धन के जतीपुरा स्थित गिरिराज जी मुखारविंद मंदिर की व्यवस्थाओं और वित्तीय कार्यप्रणाली को लेकर इंटरनेट मीडिया पर सवाल उठाए गए हैं। सेवायत परिवार से जुड़े अंकित कौशिक ने इंटरनेट मीडिया पर मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की। अंकित कौशिक ने कहा कि वर्ष 2015 से मंदिर में रिसीवर व्यवस्था लागू है, लेकिन इसके बावजूद आय-व्यय का स्पष्ट विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। उनका आरोप है कि मंदिर के खातों में वर्तमान समय में लगभग 70 करोड़ रुपये होने चाहिए थे, जबकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 30 करोड़ रुपये ही दर्शाए जा रहे हैं। उन्होंने करीब 40 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से मंदिर की आय, व्यय और विभिन्न कार्यों से संबंधित जानकारी मांगी गई थी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अंकित कौशिक ने आरोप लगाया कि परिक्रमा मार्ग पर डाली गई मिट्टी के कार्यों में भी अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि परिक्रमा मार्ग के नाम पर कितनी राशि खर्च की गई, मिट्टी मंदिर क्षेत्र से बाहर क्यों डलवाई गई और संबंधित कार्य का ठेका किसे दिया गया। उधर, मंदिर रिसीवर तहसीलदार ब्रजेश कुमार ने कहा कि मंदिर परिसर में मिट्टी डलवाने सहित सभी विकास एवं प्रबंधन संबंधी कार्य निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप ही कराए गए हैं। सभी आरोप निराधार हैं।



