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लेबनान पर बढ़ते तनाव के बीच नेतन्याहू का डोनाल्ड ट्रंप को दो टूक जवाब- हमारी राय हमेशा एक नहीं होती।

नई दिल्ली : यरूशलम न्यूज सिंडिकेट की इंटरनेशनल पॉलिसी समिट 2026 को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वह सब कुछ नहीं करते जो मैं चाहता हूँ, और न ही मैं वह सब कुछ करता हूँ जो वे चाहते हैं। हम स्वतंत्र और गौरवशाली देशों के नेता हैं; कभी-कभी हमारी राय एक-दूसरे से अलग होती है।
अमेरिकी नेता के इस बयान के बाद कि इजराइल वेस्ट एशिया में उनके आदेशों का पालन करता है, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन दावों को खारिज कर दिया है कि वे या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक-दूसरे से निर्देश लेते हैं। यरूशलम न्यूज सिंडिकेट की इंटरनेशनल पॉलिसी समिट 2026 को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वह सब कुछ नहीं करते जो मैं चाहता हूँ, और न ही मैं वह सब कुछ करता हूँ जो वे चाहते हैं। हम स्वतंत्र और गौरवशाली देशों के नेता हैं; कभी-कभी हमारी राय एक-दूसरे से अलग होती है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि समय-समय पर मतभेद होने के बावजूद, दोनों देशों के प्रमुख अपने-अपने राष्ट्रीय एजेंडे को प्राथमिकता देते हैं। “हम अपने हितों के लिए खड़े हैं। मैं इजराइल के हितों और उसकी सुरक्षा के लिए खड़ा हूँ। और अक्सर हमारी राय एक जैसी होती है। कभी-कभी नहीं होती। लेकिन हम एक-दूसरे की संप्रभुता, नेतृत्व और अपने लोगों के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान करते हैं।
पिछले शुक्रवार को अ७्रङ्म२ को दिए एक इंटरव्यू में, जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे लेबनान पर हमले रोकने के लिए इजराइली सैन्य अभियानों को प्रभावित कर सकते हैं, तो उन्होंने दावा किया, हाँ, मैं करूँगा। मेरा मतलब है, वे मेरा बहुत सम्मान करते हैं, और वे वैसा ही करते हैं जैसा मैं कहता हूँ।
इजराइली प्रधानमंत्री के साथ अपने अच्छे संबंधों का जिÞक्र करते हुए, ट्रंप ने कहा कि उन्हें कभी-कभी उन्हें “थोड़ा समझदार बनाए रखने” की जरूरत पड़ती है और जोर देकर कहा कि अमेरिकी समर्थन के बिना इजराइल का अस्तित्व ही नहीं रहेगा”।
यह कूटनीतिक तनाव लेबनान में इजराइल के चल रहे सैन्य अभियान को लेकर वाशिंगटन और यरूशलेम के बीच बढ़ते मतभेदों के बीच पैदा हुआ है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि इन कार्रवाइयों से ईरान के साथ पिछले हफ़्ते हुई लंबी कूटनीतिक कोशिशों के बाद बनी सहमति (मेमोरेंडम आॅफ अंडरस्टैंडिंग) के अस्थिर होने का खतरा है।
इसके अलावा, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हाल ही में इजराइली कैबिनेट के उन सदस्यों को कड़ी चेतावनी दी है जिन्होंने इस समझौते का खुलकर विरोध किया है। वेंस ने कहा कि इजराइल के “एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी” की आलोचना करना सही नहीं है, खासकर ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल द्वारा संयुक्त रूप से छेड़े गए युद्ध को देखते हुए, जो 28 फरवरी को शुरू हुआ था। नेतन्याहू की सरकार पर घरेलू दबाव भी बढ़ रहा है। यरूशलेम की हिब्रू यूनिवर्सिटी और अगम इंस्टीट्यूट के हालिया पोलिंग डेटा से पता चलता है कि इजराइल की ज्यादातर जनता का मानना ??है कि ईरान इस संघर्ष और उसके बाद अमेरिका की मध्यस्थता में हुए समझौते से मजबूत स्थिति में उभरा है।

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