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पंजाब कांग्रेस में खत्म हुई बगावत!

बैकफुट पर आए चन्नी, कहा-हाईकमान जो रणनीति बनाएगा, हम मिलकर साथ चलेंगे

चंडीगढ़ । भूपेश बघेल पूर्व मंत्री ब्रह्म महेंद्र को मनाने पहुंचे है। पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल का दावा है कि हाईकमान फैसला तो नहीं बदलेगा मगर सभी नाराज नेता जल्द एकजुट हो जाएंगे।
पंजाब कांग्रेस में बगावत पर हाईकमान के कड़े रुख के बाद अब नाराज नेताओं का गुट बैकफुट पर आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी ने कहा कि कांग्रेस को एकजुट करके चलना हमारा मकसद है। पार्टी हाईकमान जो रणनीति बनाएगा हम मिलकर साथ चलेंगे। चन्नी ने चंडीगढ़ में अपने समर्थकों के साथ बैठक की।
इससे पहले प्रियंका गांधी ने चरणजीत चन्नी से फोन पर बात की थी। इसके बाद चन्नी ने अपने समर्थकों की बैठक बुलाई। वहीं भूपेश बघेल पूर्व मंत्री ब्रह्म महेंद्र को मनाने पहुंचे है। पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल का दावा है कि हाईकमान फैसला तो नहीं बदलेगा मगर सभी नाराज नेता जल्द एकजुट हो जाएंगे।
चन्नी गुट के समर्थक विधायक परगट सिंह ने कहा कि हम पंजाब में इस वक्त एक्सपेरिमेंट नहीं कर सकते। उनका निशाना हाल ही में हाईकमान द्वारा नियुक्त किए गए तीन नए कांग्रेस के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्षों पर था। परगट ने कहा कि हमारे बीच मतभेद हो सकता है लेकिन हम सभी कांग्रेसियों का मकसद पंजाब में आम आदमी पार्टी और भाजपा द्वारा बनाई जा रही रणनीति को ध्वस्त करना है।
उन्होंने कहा लोकतंत्र में किसी मुद्दे पर मतभेद होना कोई गलत बात नहीं है। हरेक बात का अपना मूल्य होता है। मतभेदों के बाद किसी नतीजे पर पहुंचना, यह जरूरी होता है। नाराज कांग्रेसियों की जो बात है वह हाईकमान तक पहुंचाई जा चुकी है। आज पंजाब की इंटरनेशनल स्तर पर बदनामी हो रही है। कानून व्यवस्था के हालात बहुत ज्यादा खराब है। इसलिए आम आदमी पार्टी को रोकना कांग्रेस का मकसद है। इसके लिए सभी कांग्रेसी मिलकर काम करेंगे।
भाजपा सांसद ने साधा निशाना-पंजाब कांग्रेस की बगावत पर भाजपा नेता व राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने तंज कसा है। चुघ ने कहा कि भूपेश बघेल का बयान कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी तानाशाही, वंशवादी राजनीति और चापलूसी वाली कार्यप्रणाली को साफ तौर पर दिखाता है। गांधी-नेहरू परिवार पिछले सात दशकों से पंजाब के साथ ‘गुड्डा-गुड्डी’ का खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने हमेशा पंजाब की भावनाओं के साथ बेजान चीजों जैसा बर्ताव किया है। चाहे वह पंजाबी सूबा का मुद्दा हो, 1984 का सिख नरसंहार हो, पंजाब के पानी का बंटवारा हो, या चंडीगढ़ हो, कांग्रेस पार्टी का पंजाब के विकास में रुकावटें पैदा करने का इतिहास रहा है।

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