ललितपुर
वृद्ध पिता को बहाने से साथ ले जाकर पैतृक संपत्ति हड़पने की साजिश का आरोप
छोटे भाइयों ने एसपी से लगाई गुहार

मड़ावरा के गुढ़ा गांव और शहर के रावतयाना से जुड़ा मामला
पिता को वापस दिलाने और जमीन-मकान की बिक्री पर रोक लगाने की मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
ललितपुर। जिले में पारिवारिक संपत्ति विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है। दो भाइयों ने अपने बड़े भाई पर 81 वर्षीय वृद्ध पिता को बहाने से अपने साथ ले जाकर उनकी अस्वस्थता का लाभ उठाते हुए पैतृक कृषि भूमि और मकान बेचने की तैयारी करने का आरोप लगाया है। मामले में दोनों भाइयों ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर हस्तक्षेप की मांग की है। मड़ावरा के ग्राम गुढ़ा व हाल मोहल्ला रावतयाना निवासी जगदीश कुशवाहा और देशराज कुशवाहा पुत्रगण रघुवर कुशवाहा ने बताया कि उनके परिवार में तीन भाई हैं। उनका कहना है कि उनके 81 वर्षीय पिता रघुवर कुशवाहा ने पूर्व में पारिवारिक सहमति से अपनी चल-अचल संपत्ति तीनों पुत्रों के बीच मौखिक रूप से बांट दी थी और सभी अपने-अपने हिस्से से संतुष्ट थे। दोनों भाइयों का आरोप है कि लगभग चार माह पहले उनके बड़े भाई भोले कुशवाहा, जो मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के कुण्डेश्वर क्षेत्र में रहते हैं, पिता को शादी समारोह में ले जाने की बात कहकर अपने साथ ले गए। इसके बाद से पिता का परिवार के अन्य सदस्यों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने कई बार अपने बड़े भाई से पिता के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उनका आरोप है कि जब वे पिता से मिलने गए तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि पिता की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उनकी स्थिति को लेकर परिवार बेहद चिंतित है। शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि बड़े भाई द्वारा पिता को हाल ही में मड़ावरा तहसील स्थित उपनिबंधक (सब-रजिस्ट्रार) कार्यालय ले जाया गया था। इससे उन्हें संदेह है कि पिता के नाम दर्ज संपत्तियों के संबंध में कोई दस्तावेज तैयार कराने का प्रयास किया जा रहा है। भाइयों ने आरोप लगाया है कि उनके बड़े भाई की नजर ग्राम गुढ़ा स्थित कृषि भूमि की आराजी संख्या 516 एवं 428 तथा ललितपुर के रावतयाना स्थित पैतृक मकान पर है। उनका कहना है कि इन संपत्तियों को बेचने की तैयारी की जा रही है। शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि पिता के नाम पर पहले से कई किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाकर ऋण भी लिया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उनके वृद्ध पिता की सुरक्षा सुनिश्चित कर उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों से मिलवाया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर विवादित कृषि भूमि और मकान के किसी भी संभावित विक्रय पर जांच पूरी होने तक रोक लगाने की कार्रवाई की जाए।



