झुंझुनू

दिल्ली संसद प्रोटेक्स में आदिवासी नेता सुरेश मीणा किशोरपुरा एवं रवींद्र सिंह पोंख लाठी एवं आंसू गैस के गोलों के शिकार

नीट स्टूडेंट प्रदीप माहिच के परिजनों को साथ लेकर तीन दिन से शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए जंतर मंतर पर बैठे थे धरने पर

सोनम वांगचुक एवं कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके को दिया था समर्थन
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनूं। दिल्ली में शिक्षा प्रणाली में सुधार और नीट छात्र प्रदीप माहिच के मामले को लेकर चल रहे राष्ट्रीय व्यापी आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। संसद भवन घेराव के दौरान दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के लाठीचार्ज व आंसू गैस के गोलों की बौछार में राजस्थान के कई प्रदर्शनकारी चपेट में आ गए। राजस्थान के 2 नेता लाठी-आंसू गैस के शिकार बने। इस घेराव के दौरान आदिवासी श्री मीणा सेना के प्रदेश अध्यक्ष एवं समाजसेवी सुरेश मीणा किशोरपुरा और युवा नेता रवींद्र सिंह पौंख भी पुलिस कार्रवाई के शिकार हुए। सुरेश मीणा किशोरपुरा ने हमारे जिला संवाददाता को दूरभाष पर बताया कि आंसू गैस के गोले लगने के कारण दोनों लगभग 1 घंटे तक बेहोश पड़े रहे। होश आने के बाद प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि वे गुढ़ा गोड़जी निवासी नीट स्टूडेंट प्रदीप माहिच के पिता राजेश मेघवाल के समर्थन में पिछले 3 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। रविवार को उन्होंने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉमनवेल्थ जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को भी अपना समर्थन दिया था। क्या हुआ था सोमवार को सुरेश मीणा के अनुसार सोमवार को जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े तो संसद भवन से करीब 400 मीटर पहले लगे बैरिकेड्स पर भीड़ बेकाबू हो गई। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और एक के बाद एक आंसू गैस के गोले दागे गए। अफरा-तफरी में कई छात्र, अभिभावक और सामाजिक कार्यकर्ता भी घायल हुए।
मामले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि गुढ़ा गोड़जी के नीट स्टूडेंट प्रदीप माहिच की आत्महत्या के बाद से ही शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना चल रहा है। आयोजकों का दावा है कि दिल्ली में हुआ ये अब तक का सबसे बड़ा छात्र-अभिभावक प्रोटेस्ट है।फिलहाल दोनों नेता स्वस्थ हैं और आंदोलनकारियों ने मांग पूरी होने तक धरना जारी रखने का ऐलान किया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को ज्ञापन सौंपते हुए ये तीन प्रमुख मांगें रखीं।
सीजेपी  की यह है मांगे
सोनम वांगचुक की बिना किसी प्रतिबंध के रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए या इस्तीफा लिया जाए, नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्राओं के परिजनों को 1करोड़ रुपए का  मुआवजा मिले।
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