बरेली
रोहिलखंड-कुमायूं का पहला फुली आटोमेटेड रोबोटिक नी ट्रांसप्लांट सेंटर बना गुडलाइफ
गुडलाइफ में हुआ रोबोट से घुटना प्रत्यारोपण, मरीज को मिली दर्द से आजादी

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। एसआरएमएस गुडलाइफ हॉस्पिटल रुहेलखंड और कुमायूं रीजन का पहला फुली आटोमेटेड रोबोटिक नी ट्रांसप्लांट सेंटर बन गया। ऑर्थोपैडिक सर्जन डा. ध्रुव गोयल ने बरेली की 70 वर्षीय महिला के दोनों घुटनों का रोबोटिक प्रत्यारोपण कर इस उपलब्धि को हासिल किया।एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देव मूर्ति ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से अब मरीजों का बेहतर और शीघ्र उपचार संभव होगा। डा. ध्रुव गोयल ने बताया कि रोबोट की मदद से 3D सर्जरी की गई। इसमें कंप्यूटर से घुटनों का सटीक एलाइनमेंट होता है। इससे कम रक्तस्राव, तेज रिकवरी और घुटनों की लाइफ बढ़ती है। अभी तक यह तकनीक बरेली-कुमायूं में उपलब्ध नहीं थी। डा. गोयल के पास 6500 से अधिक सफल घुटना प्रत्यारोपण का अनुभव है। उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी से मरीज को जल्द सामान्य जीवन मिलता है और दवाओं का सेवन भी कम होता है।




