
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
साहिबगंज मुख्यालय से कुछ ही दूर में झारखंड का साहिबगंज जिला जहां से हर दिन करोड़ों रुपये का राजस्व सरकार के खजाने में जाता है।पत्थर खदानें, कोयला,खनिज और गंगा जलमार्ग संसाधनों से समृद्ध इस जिले से देश का विकास हो रहा है।लेकिन इसी साहिबगंज की एक तस्वीर सरकारी दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।ये तस्वीर है साहिबगंज जिला के मदनसाही स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-80की जहां सड़क अब सड़क नहीं,बल्कि गड्ढों का जाल बन चुकी है।शुक्रवार सुबह इसी जर्जर सड़क पर सीमेंट से लदा एक ट्रैक्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-80को जाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।ग्रामीणों का कहना है कि पिछले पांच से छह वर्षों से इस सड़क की हालत बद से बदतर होती जा रही है।हर दिन भारी-भरकम ट्रक, पत्थर और अन्य खनिज लदे वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं,लेकिन सड़क की मरम्मत समय पर नहीं होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।ग्रामीणों के अनुसार करीब तीन महीने पहले लगभग9 करोड़ रुपये की लागत से सड़क मरम्मत का टेंडर पूरा हुआ था। काम शुरू भी हुआ,लेकिन उसकी रफ्तार इतनी धीमी है कि सड़क की हालत आज भी जस की तस बनी हुई है।कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को खुला निमंत्रण दे रहे हैं।घटना की सूचना मिलते ही जीरवाबाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची।अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की और सड़क मरम्मत कार्य में तेजी लाने का आश्वासन दिया।इसके बाद लोगों ने जाम समाप्त कर दिया।अब लोगों की चिंता बरसात को लेकर है उनका कहना है कि यदि तेज बारिश शुरू हुई तो यह सड़क और भी खतरनाक हो जाएगी,ऐसे में हादसों की संख्या बढ़ सकती है और आम लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ जाएगी।फिलहाल प्रशासन ने काम तेज कराने का भरोसा दिया है।लेकिन साहिबगंज की जनता अब वादे नहीं,सड़क पर काम देखना चाहती है।जिस जिले की धरती से निकलने वाले पत्थर और खनिज पूरे देश के विकास में इस्तेमाल हो रहे हैं,जिस जिले से सरकार को करोड़ों का राजस्व मिलता है उसी जिले के लोगों को एक सुरक्षित राष्ट्रीय राजमार्ग भी नसीब नहीं है।सवाल सिर्फ एक ट्रैक्टर के पलटने का नहीं है सवाल है उस सिस्टम का,जहां खनिजों से मालामाल जिला तो है,लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग आज भी बदहाल है।



