बालाघाट
आदिवासी बच्चों की मौत पर सियासत
सीएम के दौरे के बाद कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल, कार्रवाई की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : जिले के बैहर और परसवाड़ा क्षेत्र के आदिवासी बहुल गांवों और मंझरटोलों में बीमारी से बच्चों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के दौरे के बावजूद पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक मदद नहीं दी गई है और लापरवाह अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
रविवार शाम 5 बजे आयोजित पत्रकार वार्ता में विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजय उईके ने मुख्यमंत्री के उस दावे को खारिज किया, जिसमें उनके द्वारा पहली बार किसी मुख्यमंत्री के कोर एरिया में आने की बात कही गई थी। उईके ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह न केवल इस क्षेत्र में आए थे, बल्कि वहां पूरा एक दिन रुके भी थे।
कांग्रेस द्वारा उठाए गए प्रमुख सवाल
मोबाइल मेडिकल यूनिट: ‘जनमन’ योजना के तहत स्वीकृत 6 मोबाइल यूनिट में से मौके पर केवल 4 ही क्यों नजर आ रही हैं, और शेष दो यूनिट कहां हैं?
स्वास्थ्य सेवाओं की नाकामी: सरकारी सहायता प्राप्त अशासकीय और सामाजिक संगठनों के सक्रिय होने के बावजूद आदिवासी अंचल में फैली बीमारी की सटीक जानकारी समय पर क्यों नहीं मिली?
मौतों के आंकड़ों में विरोधाभास: सरकार जहां 8 से 10 बच्चों की मौत का दावा कर रही है, वहीं अन्य परिवारों को सहायता राशि दिए जाने से यह स्पष्ट है कि प्रशासन मृतक बच्चों के सही आंकड़े छिपा रहा है।
लापरवाह अधिकारियों पर चुप्पी: स्वास्थ्य, मलेरिया, पीएचई और महिला एवं बाल विकास विभागों की घोर लापरवाही के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?
विकास राशि का वितरण: मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 225 करोड़ रुपये की राशि से जिले के 150 आदिवासी गांवों में से केवल 100 गांवों को ही क्यों लाभ मिल रहा है, शेष 50 गांवों को क्यों छोड़ दिया गया?
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवारों को उचित न्याय और सहायता नहीं मिली तथा लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर आगे भी उग्र प्रदर्शन करेगी।



